तीन दिवसीय गुरमत आध्यात्मिक समागम नैनी गुरुद्वारा में संपन्नl
विशेष महान आध्यात्मिक गुरमत समागम का दीवान सजा।
नैनी प्रयागराज/ गुरुद्वारा नैनी संगत में नवनिर्मित दरबार साहिब के पांचवें स्थापना दिवस पर महान गुरमत आध्यात्मिक समागम का दीवान सजा जिसमें पंथ के प्रसिद्ध रागी जत्थे द्वारा शब्द-कीर्तन,गुरमत वीचार व बालक-बालिकाओं का उत्साहवर्धन के साथ ही गुरु का अटूट लंगर वितरित हुआ।
तीन दिवसीय आध्यात्मिक गुरमत समागम को पंथ के महान कीर्तनी जत्थे ने शब्द-कीर्तन कर संगत को निहाल किया गुरुद्वारे में गुरुनाम की गूंज होती रही गुरु का आशीष सहेजने के लिए लोगों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के आगे माथा टेककर पंक्तिबद्ध बैठकर कीर्तन श्रवण करते रहे गुरु चरणों में हाजिरी लगाने व सेवा करने को प्रातः काल से देर रात तक संगत पंगत चलती रही इस कार्यक्रम की शुरुआत श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पाठ से हुई हजूरी रागी ने शब्द कीर्तन गुरबाणी का पाठ सुना कर संगत को गुरु के चरणों मे जोड़ा, गुरु इतिहास का श्रवण कराते हुए उन्होंने कहा कि वाहे गुरु वाहे गुरु जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल, वाहेगुरु जी का खालसा,वाहे गुरु की फतेह और सतनाम का कीर्तन होता रहा। आरती अरदास हुकमनामा के बाद गुरु का अटूट लंगर चलाया गया जिसमें सभी संप्रदाय के लोगों ने बिना किसी भेदभाव के एक पंक्ति में बैठकर गुरु का लंगर छका। इस मौके पर गुरुद्वारे को दीप मालाओं से बिजली की झालरों से आकर्षक ढंग से सजाया गया।नवनिर्मित दरबार साहिब के पांचवें स्थापना दिवस की खुशी में लोगों ने दीपमाला उसे गुरुद्वारे के साथ अपने घरों व प्रतिष्ठानों को भी सजाया इस मौके पर सुरेंद्र सिंह,ज्ञानी जसपाल सिंह, चरनजीत सिंह,मोहनवीर सिंह, सतनाम सिंह,सरदार पतविंदर सिंह, कमल गुलाटी,परमिंदर सिंह बंटी, दविंदर अरोड़ा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं,पुरुष ,बच्चे आदि सेवादार उपस्थित रहे।










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