बाल्मीकि आश्रम समेत पंचक्रोशी परिधि के पौराणिक स्थल होंगे गुलजार: डॉ.पाण्डेय
मिशन का प्रयास लाया रंग:
मिशन की संगोष्ठी में हुई मुख्यमंत्री की सराहना:
करछना। जमुनापार के करछना में गंगा- तमसा तट लकटहा-पनासा स्थित महर्षि बाल्मीकि रचना प्रेरणा स्थली के पर्यटन विकास हेतु करोड़ों रुपए आवंटित होने के साथ-साथ पंचक्रोशी परिधि में स्थित मनु तपस्थली मनैया,ऋषि पर्णास आश्रम पनासा, समेत स्थानीय पौराणिक मन्दिरों के लिए भी पर्याप्त धन मुहैया हो चुका है। शासन द्वारा प्रदत्त धन से अब शीघ्र ही अपने पौराणिक स्थल पर्यटन विकास से जुड़कर गुलजार होंगे।यह बातें रामपुर में मंगलवार को आयोजित मिशन की संगोष्ठी के दौरान संयोजक डॉ.भगवत पाण्डेय ने कही। उन्होंने कहा कि जागृति मिशन के अथक प्रयासों के चलते विगत दो दशक पूर्व ही राष्ट्रपति पदक प्राप्त अंतर्राष्ट्रीय विद्वानद्वय,प्रयाग विश्वविद्यालय के पूर्व संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो.चण्डिका प्रसाद शुक्ल एवं रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर के संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो.रहस बिहारी द्विवेदी द्वारा प्रस्तुत तथ्यपरक शोधलेखों के अनुरूप
तत्कालीन सांसद डॉ.मुरली मनोहर जोशी द्वारा सार्थक पहल के चलते बाल्मीकि आश्रम की स्थापना हुई। जिससे पूरा प्रयाग और जमुनापार गौरवान्वित हुआ। अब शीघ्र ही करोड़ों रुपए से आश्रम का सम्पूर्ण विकास होगा।उधर पंचक्रोशी परिक्रमा की परिधि में आने वाले पौराणिक मन्दिर भी पर्याप्त धन की उपलब्धता से विकसित होंगे साथ ही पर्यटन विकास और स्थानीय रोजगार को भी गति मिलेगी। मिशन के लोगों ने इस सराहनीय कार्य हेतु प्रदेश के मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए बधाई दी। संगोष्ठी की अध्यक्षता महाकवि त्रिफला जी और संचालन रजत मिश्रा ने किया।इस मौके पर
मानिकचंद ओझा, राजेंद्र शुक्ला, वीरेंद्र कुसुमाकर,मनीष तिवारी,कमला शंकर त्रिपाठी,सुनील प्रजापति,विजय पाल,
राजमणि चौधरी,अशोक सिंह,अशोक विश्वकर्मा,अतुल तिवारी समेत कई समाज सेवी एवं मिशन के लोग मौजूद रहे।










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