शिक्षा संस्कृति और संस्कार की अलख जगा रहा विद्यालय: विश्वकर्मा
वार्षिक समारोह में दिखा नौनिहालों का हुनर: सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने लूटी वाहवाही:
करछना। तमसा की तराई में यह विद्यालय कई गांव के नौनिहालों के बीच शिक्षा संस्कृति और संस्कार की अलख जगाने का कार्य कर रहा है। बच्चों द्वारा प्रस्तुत अद्भुत कार्यक्रम और विद्यालय अनुशासन इसके लिए प्रशंसनीय है। यह बातें क्षेत्र की जैमा भगनपुर पुर स्थित एमपीएसएस कान्वेंट के परिसर में आयोजित विद्यालय के वार्षिक समारोह के मुख्य अतिथि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व संयुक्त कुलसचिव आर.एन विश्वकर्मा ने कही। इसके पूर्व निदेशक डॉ राजेश शर्मा के साथ उन्होंने दीप प्रज्वलन कर सांस्कृतिक समारोह का शुभारंभ किया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत वाणी वंदना के उपरांत संदेश परक भाषण,फागुनी गीत,कव्वाली,लोक नृत्य,नाटक,भक्ति गीत जैसे कार्यक्रमों में नौनिहालों ने खूब समां बांधते हुए श्रोताओं की तालियां बटोरी। प्रबंधक अरुण शर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत माल्यार्पण करते हुए कहा कि यह कॉन्वेंट विद्यालय बच्चों में आधुनिक शिक्षा और संस्कारों को पीरोते हुए भारत का भविष्य कहे जाने वाले बच्चों को तरास रहा है। क्षेत्रीय बुजुर्गों,अभिभावकों और युवकों के सहयोग से उत्तरोत्तर विकास की ओर बढ़ने वाली यह परंपरा गतिमान रहेगी। उन्होंने सभी अतिथियों और अभिभावकों के प्रति आभार प्रकट किया। कार्यक्रम के उपरांत मुख्य अतिथि व मंच का संचालन कर रहे चर्चित हास्य कवि अशोक बेशरम ग़ज़लकार कृष्णकांत कामिल को विद्यालय की ओर से सम्मानित किया गया। इस मौके पर विद्यालय के शिक्षक अभिभावक और बड़ी संख्या में बच्चे मौजूद रहे।











Leave a Reply