प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़कों में गढ्ढे ही गढ्ढे।
यमुनापार के ग्रामीण नारकीय जीवन जीने को मजबूर।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क का मेंटनेंस नहीं होने से ग्रामीण परेशान।
IGRS से शिकायत के बाद भी कोई हल नहीं।
प्रयागराज। प्रतापपुर से घूरपुर तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने तरहार वासियों के जीवन को नारकीय बना दिया है। सड़क का मेंटनेंस नहीं होने से घर पर कैद हो गए है। सड़क पर चलना दुष्वार हो गया है। जिले में यदि सबसे ज्यादा अखबारों की सुर्खियों में रहने वाला पीएमजीएसवाय गांवों में सड़कों के निर्माण के लिए जिम्म्ेदार है। गुणवत्ता की लापीपोती को लेकर सरकार और प्रशासन के ढीले रवैये से सरकारी राजस्व के साथ ग्रामीणों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। न गांवों में सड़क बनी और जहां सड़क बनी है वहां भी ग्रामीण आज भी पगडंडी पर निर्भर है। क्योंकि सड़क इस लायक नहीं की उस पर इंसान चले और वाहन को चलाया जा सके। ग्राम का सीधा संपर्क सड़कों के माध्यम से होने वाली इस योजना को पलीता लगाने का सिलसिला अनवरत जारी है। दिल्ली और प्रदेश में गठित जांच एजेंसी ने आज तक शिकायतों को न महत्व दिया और न ही सड़क की गुणवत्ता की जांच की,पीएमजीएसवाई के अंतर्गत सड़क निर्माण कार्य में ठेकेदार व प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों द्वारा जमकर भ्रष्टाचार कर स्तरहीन निर्माण सामग्री का उपयोग कर सड़क निर्माण कराया जा रहा है। प्रदेश में हर जगह सड़कें बनायी गई एवं पांच साल के मेंटनेन्स सहित संविदा की पूर्ति भी की गई है, किन्तु भ्रष्टाचार के कारण सड़कें केवल नाम मात्र के लिए ही निर्मित की गई, जिसमें भारी भ्रष्टाचार हुआ।गुणवत्ताहीन सड़क निर्माण से कुछ महीनों में ही सड़कों पर दरारें आ रहीं हैं और जगह-जगह धंसने भी लगी हैं। योजना के तहत बनी सड़कों का कमोबेश पूरे प्रदेश में एक जैसा हाल है। अधिकारियों ने इस योजना को तिजोरी भरने का माध्यम बनाकर ठेकेदारों को घटिया निर्माण करने का लाइसेंस दे दिया है। जो सड़कें वर्तमान में बन रही हैं उसकी गुणवत्ता निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर जांचा जा सकता है वहीं कुछ साल बनी सड़कों की दुर्दशा घटिया निर्माण की कहानी खुद ही बयां कर रही हैं। पांच साल तक सड़कों के मेंटनेंस की जिम्मेदारी भी ठेकेदार पूरा नहीं कर रहे हैं। राज्य निर्माण के साथ ही जब से योजना शुरू हुई है अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदारों ने जमकर कमाई की है।
रामजानकी जनकल्याण समिति लालापुर प्रयागगराज।









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