किसानों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं: पवनेश उपाध्याय
करछना, प्रयागराज।
वर्तमान में आए दिन कहीं न कहीं किसानों का शोषण किया जा रहा है क्रय केंद्रों पर दलाली जोरों पर है किसानों की जमीन अवैध रूप से भू माफियाओं द्वारा हड़पी जा रही है वही सरकारी अर्ध सरकारी संस्थानों द्वारा भी किसानों की जमीन का ओने पौने दाम पर बहला-फुसलाकर लालच देकर के हड़पा जा रहा है जो कतई बर्दाश्त करने योग्य नहीं है। समितियों में समय समय पर खाद एवं बीज का भाव बना हुआ है इससे किसान दर-दर भटक रहा है मुझे महंगे दामों पर नकली खाद बीज खरीदने को मजबूर हो रहा है। उक्त बातें भारतीय किसान कल्याण संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवनेश उपाध्याय ने किसान दिवस के अवसर पर एक प्रेस वार्ता के दौरान कहीं। श्री उपाध्याय ने कहा कि क्रय केंद्रों से शिकायतें आ रही है कि किसान को पता ही नहीं है कि मेरे नाम पर धान खरीद की जा चुकी है पैसा भी विड्राल किया जा चुका है जब वह अपना धान बेचने क्रय केंद्र पर पहुंचते हैं वहां पर पता चलता है कि आपके नाम से धान की तौल हो चुकी है और पैसा भी खाते में ट्रांसफर किया जा चुका है जो स्थानीय कृषि एवं आपूर्ति अधिकारियों द्वारा सत्यापित करने के बाद की जा रही है। समितियों पर खाद बीज डीएपी का सदैव अभाव बना रहता है जो अत्यंत चिंतनीय है। नहरों में पानी नही है अगर है तो ओवरफ्लो से किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं नहरों की ठीक से सफाई तक नहीं कराई जा रही है ठेके पर मशीनों से मामूली काट छांट के साथ फर्जी तरीके से काम कराया जा रहा है जिससे किसानों का भारी नुकसान हो रहा है। इसी तरह पूरे देश में नीलगाय छोटा सा आवारा घूम रहे हैं जो किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं किसान दीन हीन सा बना हुआ है दिन पर दिन उसकी आर्थिक हालत गिरती जा रही है। श्री उपाध्याय ने आगे कहा कि इस मुद्दे पर अगर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो भारतीय किसान कल्याण संघ जल्द ही राष्ट्रव्यापी आंदोलन करने को मजबूर होगा किसके साथ पूरे देश के किसान खड़े होंगे और भविष्य में सरकार को उखाड़ फेंकने का भी काम करेंगे। श्री उपाध्याय ने भारत के माननीय प्रधानमंत्री एवं उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भारत के कृषि मंत्री को आगाह करते हुए चेताया है कि तत्काल किसानों की समस्याओं को गंभीरता से ले कर के उसके निदान का उपाय किया जाए अन्यथा देश का किसान जब सड़क पर होगा तो केंद्र एवं राज्य की सरकारें भी हिल जाएंगी जो भविष्य में शुभ संकेत नहीं होगा।










Leave a Reply