पढ़ने से पहले… धीरे से अपनी आँखें बंद करें…आज के दिन का प्रत्येक क्षण याद करे…शुरुआत से अभी तक का..
किसानों की इच्छा
पुराने समय में एक गाँव में दो किसान रहते थे और दोनों बहुत गरीब थे। उनके पास काम करने के लिए बहुत कम जमीन थी और अपने परिवार की जरूरतों को पूरी करने के लिए उन्हें कड़ी मेहनत करनी पड़ती थी।
कुछ समय बाद अचानक दोनों की एक ही दिन मौत हो गई। यमराज (मृत्यु के देवता) उन दोनों को भगवान के पास ले गए।
परमेश्वर ने उनसे पूछा, “तुम्हारे जीवन में क्या कमी थी?” यह सुनकर पहले किसान ने गुस्से से कहा, “आपने मुझे बहुत दर्दनाक जीवन दिया। आपने मुझे कुछ नहीं दिया। जीवन भर मुझे खेतों में एक बैल की तरह काम करना पड़ा। मैंने जो कुछ भी कमाया वह सिर्फ अपने और अपने परिवार के पेट भरने में खर्च हो जाता था। मैं अच्छे कपड़े खरीद और पहन नहीं सकता था और न ही अपने परिवार को अच्छा खाना खिला सका । और जब भी मैं कुछ अतिरिक्त आय अर्जित करने में सक्षम होता, तो कोई आकर सब कुछ ले लेता। मेरे पास कुछ नहीं बचता था।”
उसकी बात सुनकर भगवान ने फिर पूछा, “अब तुम क्या चाहते हो? मैं तुम्हें तुम्हारे अगले जन्म में क्या बनाऊँ?”
यह सुनकर किसान ने उत्तर दिया, “भगवान, कुछ ऐसा करो कि मुझे कभी किसी को कुछ देना न पड़े। मुझे सभी से केवल पैसा और चीजें मिलती रहें।” इतना कहकर किसान चुप हो गया।
भगवान ने कहा, “ठीक है। आप अब जा सकते हैं। मैं तुम्हें वही जीवन दूँगा जो तुमने माँगा है।” वह चला गया।
अब दूसरे किसान की बारी थी। भगवान ने उससे पूछा, “तुम्हारे जीवन में क्या कमी थी?”
किसान ने भगवान के सामने हाथ जोड़कर कहा, “आपने मुझे पहले ही सब कुछ दे दिया है। आपने मुझे एक अच्छा परिवार दिया। आपने मुझे जमीन दी। आपने मुझे और मेरे परिवार को खाने के लिए भरपेट भोजन दिया। मैं और मेरा परिवार कभी भूखा नहीं सोया। मेरी जिंदगी में बस एक ही कमी थी, जिसका मलाल मुझे जिंदगी भर था और आज भी है। जब भी भूखे-प्यासे लोग मेरे दरवाजे पर भोजन माँगने आते थे, मैं भोजन की कमी के कारण उन्हें भोजन नहीं दे पाता था और उन्हें मेरे द्वार से भूखा लौटना पड़ता था।”
भगवान ने उसकी बात सुनी और पूछा, “अब तुम क्या चाहते हो? तुम अपने अगले जीवन में क्या बनना चाहते हो?”
किसान ने भगवान से गुहार लगाई, “भगवान, कुछ ऐसा करो कि कोई मेरे दरवाजे से कभी भूखा-प्यास न जाए।”
भगवान ने कहा, “ठीक है। अब तुम भी जा सकते हैं। तुमने जो माँगा वह तुम्हें मिल जाएगा।”
उन दोनों किसान का जन्म एक ही दिन एक ही गाँव में हुआ था। वे वयस्क हो गए। वह किसान जिसने कहा कि वह हर तरफ से पैसा लेना चाहता है और किसी को कुछ नहीं देना चाहता, वह गाँव में ‘भिखारी’ बन गया। अब उसे किसी को कुछ नहीं देना था। जो कोई भी उसके पास से गुजरता था, वह उसे पैसे और चीजें देता था।
दूसरी ओर जिस किसान ने भगवान से कुछ नहीं मांगा, सिवाय इसके कि ऐसा कोई दिन नहीं आये जब किसी को उसके घर से भूखा-प्यासा जाना पड़े। और वह उस गाँव का सबसे धनी व्यक्ति बन गया।
जीवन के सकारात्मक और नकारात्मक दो पहलू होते हैं। यह आपकी सोच पर निर्भर करता है कि आप चीजों को सकारात्मक देखते हैं या नकारात्मक।
“हार्टफुलनेस मेडिटेशन हमें सही सोच, सही समझ और जीवन के प्रति ईमानदार दृष्टिकोण विकसित करने में मदद करता है। हम पलक झपकते ही अपनी चेतना में एक लंबी छलांग लगा सकते हैं। हमें केवल सही सोच, सही समझ और जीवन के प्रति एक ईमानदार दृष्टिकोण की ज़रूरत है।”
दाजी









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