श्रीमद् भागवत कथा का रसपान कर भावविभोर हुए श्रोतागण
करछना/
भगवान की अद्भुत लीलाओ में प्रेम भक्ति अध्यात्म के दर्शन होते है वहीं मनुष्य को सदमार्ग पर चलने भगवद् भक्ति से मनुष्य मोक्ष व भगवान के परम् धाम को प्राप्त करता है द्रोपदी चीर हरण में भगवान श्री कृष्णद्वारा द्रौपदी की लाज बचाने एवं कलजुग प्रवेश महाराज परीक्षित द्वारा स्थान देने हिसा , जुआ, ब्यभिचार, मंदिरापान चार स्थान दिया चरणों में लोट गया कहा प्रभू एक स्थान और दे दो कहा जाओ तुम सोने में निवास करो तो काल झूम कर नाचने लगा सोने में कलिकाल का निवास होता है ,सोने को भगवान् को समर्पित करके धारण करे महाराज परीक्षित सोने का मुकुट धारण कर जैसे ही सोने का मुकुट धारण कर शिकार खेलने गए ,उनको जब प्यास लगी तो समिक ऋषि के आश्रमपर पहुंचे कलजुग के प्रभाव से ऋषि के गले में साप लपेट दिया समिक ऋषि के पुत्र द्वारा शाप देने महाराज परीक्षित प्रजा पालक राजा को शाप देने को ऋषि ने पुत्र को अपराधी बताया वही राजा आत्म ग्लानि से अपनेद्वाराकिए हुए पाप की ग्लानि से भर गया निवारण कैसे हो दर दर भटकते रहे परम् ऋषि सुखदेव के कृपा से भागवत कथा रसपान करने का प्रेरक प्रसंग कथा व्यास पं.कमलाशंकर शास्त्री के श्रीमुख अमृत वाणी सुन उपस्थित भगवद भक्त श्रोतागण भागवत भजन में झूम उठे श्रीमद् भागवतकथा ज्ञान यज्ञ का आयोजनकरछना क्षेत्र के ग्राम सभा गंधियांव में ग्राम प्रधानश्रीमती बबिता यादव , प्रधान पति धीरेंद्र कुमार उर्फ पिंटू यादव के निजी आवास पर आयोजित किया गया मुख्य यजमान विधि नारायण यादव एवं श्रीमती जनक दुलारी यादव प्रबुद्ध जनों में डा विजय बाबू यादव जिला पंचायत सदस्य डॉ बिंदू यादव संजय विश्वकर्मा श्री कांत विश्वकर्मा क्षेत्र(पंचायत सदस्य)बाबा शुक्ला ,मनोज यादव, सहित ग्रामीण एवं क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे जिला पंचायत सदस्य एवं समाजसेवी डॉ विजय बाबू यादव ने कलश यात्रा में सम्मिलित श्रद्धालु भक्तजनों एवं नियमित श्रद्धालु भागवत भजन प्रेमियों से 16 नवंबर को महाप्रसाद वितरण एवं भंडारा मे सम्मिलित हो जीवन कृतार्थ करने की अपील की












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