अलविदा! हर आंख में आंसू, बिलख उठा हर दिल अलविदा धरतीपुत्र! इंसान होकर पैदा हुए हर शख्स की तरह

आप भी आलोचना से परे नहीं। कुछ अच्छा, कुछ बुरा, लेकिन ये बात कहने में शायद ही किसी को संदेह हो कि रिश्ते निभाने की कला, लोगों को अपना बनाने का हुनर, बुजुर्गों का सम्मान आपसे बेहतर कितने लोगों को आता होगा। यही वजह है कि आप विदा हो रहे हैं तो हर शख्स के पास कोई किस्सा है, कोई याद है। हर आंख में आंसू है, हर दिल बिलख रहा है। अलविदा धरतीपुत्र !









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