हमारी लोक संस्कृति के संवाहक है कवि,कलाकार-पाण्डेय
पुस्तक मेले के समापन पर कवियों ने बांधी समां-
करछना। शिक्षा के क्षेत्र में मैं जब भी जहां भी रहा बहुत कुछ सीखता रहा। कवियों की वाणी और उनकी रचना समय-समय पर देश और समाज को जागृत करने में योगदान देती रही। यह हमारे समाज की थाती हैं और यही कवि कलाकार हमारी लोक संस्कृति के संवाहक भी हैं। क्षेत्र के जसरा स्थित ईश्वरदीन छेदीलाल इंटर कॉलेज के सभागार में पुस्तक मेले के समापन अवसर पर आयोजित विराट कवि सम्मेलन में यह बातें पांच विश्वविद्यालयों के पूर्व कुलपति और लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष रहे प्रोफ़ेसर के बी पाण्डेय ने बतौर मुख्य अतिथि कही। उन्होंने कवि,कलाकारों और पत्रकारों को सम्मानित करते हुए इस परंपरा को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। मुख्य अतिथि द्वारा सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण,दीप प्रज्ज्वलन और गीतकार जीतेंद्र जलज द्वारा प्रस्तुत वाणीवंदना के साथ कवि सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। नजर इलाहाबादी ने प्रस्तुत रचनाओं में सामाजिक विकृतियों और राजनीतिक विसंगतियों पर तंज कसते हुए खूब तालियां बटोरी। लखन प्रतापगढ़ी ने अपने काव्य पाठ के दौरान पुस्तकों के महत्व के बारे में लोगों को जागृत किया तो वहीं वरिष्ठ गीतकार राजेंद्र शुक्ल ने कहा,-मैं स्वप्न बांटता हूं विचार बांटता हूं,यह कीमती बहुत है उधार बांटता हूं। व्यंग्यकार राधेश्याम भारती ने अपने तीखे व्यंग्य के तेवर और कविताओं में समाज में बढ़ रहे नशे को लेकर श्रोताओं को गुदगुदाया ते हुए गहरा तंज कसा-यह पहले पैग की मस्ती में भक्ति काल गाता है,लगे जो दूसरी तो वीरगाथा काल आता है,जैसी पंक्तियों पर जमकर ठहाके लगे। आयोजक कवि संतोष शुक्ल समर्थ ने-उसी दिन से प्रगति की राह पर बढ़ता है हर बच्चा, बड़ों के पांव को जिस दिन दबाना सीख जाता है,जैसी पंक्तियों पर खूब वाहवाही लूटी।मंच का संचालन कर रहे चर्चित हास्य कवि अशोक बेशरम ने अपने छंदों मुक्तकों से लोगों को जी भर गुदगुदाया। लोकगायिका मोहिनी श्रीवास्तव और आशीष शर्मा और श्यामलाल बेगाना ने लोकगीत प्रस्तुत कर लोगों को भावविभोर किया।इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद प्रधानाचार्य परिषद के अध्यक्ष अनय प्रताप सिंह, ब्लाक प्रमुख संघ के अध्यक्ष इन्द्रनाथ मिश्र, प्रमुख जसरा अजीत प्रताप सिंह ने कवियों और कलाकारों को मंच पर सम्मानित किया। विद्यालय के प्रबंधक विश्वनाथ प्रसाद गुप्त ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और प्रधानाचार्य योगेंद्र सिंह ने कवियों कलाकारों और श्रोताओं के प्रति आभार ज्ञापित किया इस मौके पर अति विशिष्टअतिथि के रूप में आकाशवाणी के अधिकारी बोलता प्रसाद दिवाकर,मणिशंकर द्विवेदी,
रामधनी पाठक, हरीराम त्रिपाठी, राम लखन गुप्ता,बलराम मिश्रा, शोभनाथ शुक्ला,विजय चितौरी अंबिका प्रसाद समेत बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन और श्रोता मौजूद रहे।












Leave a Reply