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शासन व प्रशासन की तंद्रा नहीं टूटी,पत्रकारों की अस्मिता दांव पर।।

शासन व प्रशासन की तंद्रा नहीं टूटी,पत्रकारों की अस्मिता दांव पर।।

शासन व प्रशासन की तंद्रा नहीं टूटी,पत्रकारों की अस्मिता दांव पर।।
वाराणसी। पूर्वांचल जल रहा,देश व प्रदेश जल रहा पर शासन व प्रशासन की तंद्रा नहीं टूटी। यह बात पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय मिडिया प्रभारी पवनेश उपाध्याय पवन ने पत्रकार गोष्ठी कार्य क्रम वाराणसी में कहीं। आज पत्रकारिता संकट में है देश का चौथा स्तंभ पत्रकार की अस्मिता खतरे में है। विचारणीय व चिंतनीय विषय है आज लगभग दो सप्ताह से बलिया में तीन पत्रकारों को अरेस्ट किया गया।क्यों कि उन्होंने समाज में सच को उजागर किया यही भाजपा की पहले कि सरकारे नकल पर सख्त थी आज नकल की खबर को दबाने की साज़िश हो रही है वाराणसी और प्रयागराज इस साज़िश से अछुता नहीं है।आए दिन पत्रकारों को धमकी मिलती है।कई पत्रकारों की हत्या भी हो चुकी।आज समाज को आइना दिखाने वाला यदि निराश हो गया तो शासन प्रशासन मनमाना करेगा। पत्रकार जनता की दबी हुई आवाज व सच की आवाज है। भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के जनक डाक्टर भगवान प्रसाद उपाध्याय सहित हजारों कलमकारों ने पत्रकार महासंघ को प्रदेश के सभी जिलों व देश के चौदह राज्यों में अपना सबकुछ न्यौछावर कर संगठित करने का काम किया आज तक साइकिल या परिवहन की बसें व ट्रेन से यात्रा कर पत्रकारों को सम्मान दिलाया।आज तक एक पैसे भी कहीं से न लेते हुए सामान्य जीवन जीकर देश को एक नई दिशा देने का कार्य किया है।आज संघ देश के सभी विद्वानों का आवाहन करता है कि बलिया में पत्रकारों को न्याय के लिए 30 अप्रैल को जेल भरो के साथ प्रदेश बंद के आवाहन कै सफल करें। पत्रकारों की अस्मिता को बचाएं।।

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