सरकारी जमीनों पर कब्जा कराने वाला लेखपाल बना अधिकारियों का नयनतारा
सरकारी जमीन को कब्जा करा कर धनादोहन में जुटे चर्चित लेखपाल को बर्खास्त कर सरकारी संपत्ति बचाए जाने की बुलंद की ग्रामीणों ने आवाज
कौशाम्बी मंझनपुर तहसील में एक ऐसा लेखपाल है जिसकी तैनाती तहसील क्षेत्र के जिस गांव में हुई है वहां कई एकड़ सरकारी जमीनों पर कब्जा करा कर लेखपाल ने अवैध कब्जा धारकों से लाखों की रकम वसूली है सरकारी जमीन को कब्जा करा कर अवैध वसूली में लिप्त लेखपाल के कारनामे पर तहसीलदार और उप जिलाधिकारियों ने भी अभी तक कार्यवाही नहीं की है ऐसे भ्रस्ट लेखपाल को चिन्हित कर लेखपाल को बर्खास्त किए जाने की मांग ग्रामीण जनता ने सरकार से की है यह चर्चित लेखपाल एक माननीय का खासम खास बताया जाता है जिससे लेखपाल पर कार्यवाही करने से अधिकारी भय खाते हैं
मंझनपुर तहसील क्षेत्र के विभिन्न ग्राम सभाओं में सरकारी जमीन को कब्जा कराने की आड़ में व्यवसाय बना कर लाखों की रकम वसूलने वाला भ्रस्ट लेखपाल ने मंझनपुर तहसील क्षेत्र के ख़ुर्रम पुर बजहा और रसूलपुर सोनी सहित कई गांव में तैनाती के दौरान सरकारी जमीनों में कब्जा कराने के मामले में बदनाम हो चुका है आला अधिकारियों को भी लेखपाल बराबर झूठी सूचना देकर अपना बचाव करने का प्रयास कर रहा है यदि खुर्रामपुर बजहा गांव की बात करें तो कई बीघा सरकारी जमीन और ब्रिटिश पीरियड के स्कूल की सरकारी खाली जमीन तालाब आदि की भूमि में लेखपाल ने कब्जा करा कर लाखों रुपए की रकम वसूल ली है इसी तरह रसूलपुर सोनी गांव में 3 बीघे के तालाब सहित कई अन्य सरकारी भूमि पर इसी बदनाम लेखपाल ने कब्जा करा कर लाखों की रकम वसूली है लेकिन लाखों की रकम वसूलने वाला यह लेखपाल अधिकारियों का नयनतारा बना हुआ है और लेखपाल के गुनाह पर अधिकारी अंजान बने हैं इतना ही नहीं यह लेखपाल राजस्व अभिलेखों में दर्ज किसानों की भूमि पर भी हेराफेरी कर विवाद की स्थिति उत्पन्न कर धनादोहन में जुटा हुआ है इस मामले में भी लेखपाल अधिकारियों को झूठी सूचना दे रहा है मंझनपुर तहसील के इस चर्चित लेखपाल के कारनामे को संज्ञान लेते हुए लेखपाल पर कठोर कार्रवाई करते हुए जहां सरकारी संपत्तियों को बचाए जाने की जरूरत है वहीं बदनाम लेखपाल पर मुकदमा दर्ज कराते हुए इसे बर्खास्त किए जाने की आवाज ग्रामीणों ने बुलंद की है









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