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किसानो ने बदल दी प्रदेश की हवा।

किसानो ने बदल दी प्रदेश की हवा।

प्रदेश में बदलाव कर सकती है जनता।

संतोष त्रिपाठी संत जी
ब्यूरो चीफ वाराणसी

वाराणसी। लोकतंत्र के सबसे बड़े महापर्व का पांचवां चरण पूरा हुआ पुर्वांचल में अंतिम दो चरण की वोटिंग बाकी है,हमारी मीडिया की टीम ने पूरे प्रदेश में सर्वे किया जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसानो का मुद्दा हावी रहा, बुन्देलखण्ड अवध पुर्वांचल में बड़े पैमाने पर युवाओ का रूझान बेरोजगारी, पांच सालों में एक भी प्रतियोगी परीक्षा का न होने से छात्रों में रोष दिखा।वहीं बुन्देलखण्ड में पाठा काठा ही रह गया। यह भी मुद्दा देखने को मिला। प्रयागराज अंचल में एक तरफ जहां ब्राह्मणों ने खुलकर समाजवादी का समर्थन किया वहीं क्षत्रियों की बोट पर भाजपा ने सेंध लगाने की कोशिश की। शहरी इलाके में जहां मंदिर मुद्दा हावी‌ दिखा,वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में किसानो महंगाई, बेरोजगारी पर वोटिंग किए हैं।वहीं बुन्देलखण्ड पुर्वांचल में भारतीय किसान कल्याण संघ ने किसानो के मुद्दे पर समाजवादी को समर्थन देने से‌ भी गणित बदलती नजर आ रही है।एक तरफ भारतीय किसान कल्याण संघ की टीम में बड़ी संख्या में ब्राह्मण, क्षत्रिय, पटेल यादव दिख रहे हैं जो पहले भाजपा के वोटर थे,अब सपा में जाते दिख रहे हैं।
वहीं वाराणसी में शहरी क्षेत्रों की सीट पर भाजपा हावी‌ दिख रही तो ग्रामीण क्षेत्रों में सपा हावी दिख रही, गोरखपुर में ब्राह्मणों के नेता हरि शंकर तिवारी के बेटे विनय शंकर तिवारी के सपा में प्रत्याशी होने से गोरखपुर अंचल का ब्राह्मण बोट पूरी तरीके से सपा में जाता दिख रहा है।पूरे प्रदेश की गणित देखा जाय तो इस बार ब्राह्मण मतदाता भाजपा से नाराज़ दिख रहा है,कुछ ठाकुर वाद भी चलाने की कोशिश की गई जो चल नहीं पाया,ऐसा माना जाता है कि हरि शंकर तिवारी,रीता बहुगुणा जोशी,विजय मिश्रा, शुशील जोशी जैसे प्रभावशाली ब्राह्मणों की चुप्पी भाजपा को ले डूबेगी। इस बार पुर्वांचल के ब्यापारी समुदाय कहीं प्रत्याशी से नाराज़ दिखे कहीं महंगाई व जी एस टी की मार से आक्रोशित दिख रहे हैं प्लास्टिक बैग साठ रू किलो से बढ़कर एक सौ साठ रू कर देना बनिया वर्ग छोटे ब्यापारी नाराज़ दिख रहे हैं। ग्रामीण में स्कूल संचालक व अध्यापक शिक्षा मित्र भी भारी संख्या में विरोध में देखें जा रहे हैं,सभी सरकारी विभाग भी कंगाल होने से या बिक जाने से भी कर्मचारी विरोध दर्ज करा रहे हैं। देखना‌ है दस मार्च को सूरज किसको लेकर डूबेगा। प्रदेश में बड़े बदलाव के आसार नजर आ रहे हैं।।

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