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बूंदी के हमले में बाल बाल बचे हैं राजस्थान भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया।

बूंदी के हमले में बाल बाल बचे हैं राजस्थान भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया।

आखिर पुलिस ने सुरक्षा क्यों नहीं दी।

मेरे फेसबुक पेज www 6 फरवरी को बूंदी में राजस्थान भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया की कार पर हुए हमले का है। इस वीडियो से पता चलता है कि हमले में पूनिया बाल बाल बचे हैं। कल्पना कीजिए आप कार के अंदर बैठे हों और कार पर लगातार पत्थरबाजी हो रही हो। हमलावर बाहर निकलने की चुनौती दे रहे हों। कुछ ऐसा ही दृश्य 6 फरवरी को बूंदी में डॉ. सतीश पूनिया के साथ देखने को मिला। घटना के बाद पूनिया का कहना रहा कि जब उनकी कार पर पत्थर बरसाए जा रहे हैं, तब उन्होंने स्वयं को ईश्वर के भरोसे छोड़ दिया। पूनिया का कहना है कि ईश्वर की कृपा के कारण ही वे बच पाए हैं। हमलावरों का प्रयास तो उनकी हत्या करने का ही था। पूनिया ने कहा कि वे इन दिनों प्रदेशभर में भाजपा कार्यकर्ताओं को एकजुट कर कांग्रेस सरकार के अनैतिक कार्यों को उजागर कर रहे हैं। इसमें रीट पेपर घोटाला प्रमुख है। भाजपा के कार्यकर्ताओं ने जिस प्रकार प्रभावी तरीके से कांग्रेस सरकार के खिलाफ मुहिम चलाई है उससे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी घबराए हुए हैं। उन्होंने कहा कि बूंदी का हमला कांग्रेस का सुनियोजित हमला है, लेकिन वे इससे घबराने वाले नेता नहीं है। वे किसान के पुत्र हैं, इसलिए आखिरी दम तक विरोध करते रहेंगे। पूनिया का कहना रहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी पुलिस की थी, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि यह सब पुलिस के संरक्षण में ही हुआ। हो सकता है कि हमले को लेकर ऊपर से कोई निर्देश दिए गए हो। पूनिया ने कहा कि उन्होंने संकल्प लिया है कि जब तक कांग्रेस सरकार को हटाकर भाजपा सरकार नहीं बना लेंगे, तब तक साफा और माला नहीं पहनेंगे। 6 फरवरी के हमले के बाद उनका संकल्प और मजबूत हो गया है। उन्होंने माना कि हमले के बाद से प्रदेशभर में भाजपा का कार्यकर्ता आक्रोशित है। लेकिन मैं सभी कार्यकर्ताओं से संयम और धैर्य की अपील करता हंू। पूनिया ने कहा कि अब कांग्रेस सरकार के खिलाफ आम जनता उठ खड़ी हुई है। यही वजह है कि चौतरफा आंदोलन, प्रदर्शन हो रहे हैं। इन जन आंदोलनों से मुकाबला करने का नैतिक साहस मुख्यमंत्री अशोक गहलोत में नहीं है। पिछले दिनों जो बड़ी घटनाएं हुई उनको लेकर भाजपा के विधायक विधानसभा के बजट सत्र में पुरजोर तरीके से अपनी बात को रखेंगे। पूनिया ने कहा कि गहलोत सरकार में हिम्मत हो तो वह रीट पेपर घोटाले की जांच सीबीआई से करवाए। अलवर की मूक बधिर बालिका के साथ हुई ज्यादती के मामले में तो पूरे देश राजस्थान की कानून व्यवस्था शर्मसार हुई है।

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