बसंत पंचमी आज करें विशेष उपाय होगा लाभ
शास्त्रानुसार माघ शुक्ल पंचमी को वसंत पंचमी कहा जाता है इसी दिन से वसंत उत्सव का आगाज हो जाता है। सृष्टि के आरंभ में इसी दिन बुद्धि,विद्या,ज्ञान,कला,संगीत एवं वाणी की देवी मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था।इस कारण से ही बसंत पंचमी का दिन मां सरस्वती को समर्पित होता है। आचार्य धीरज द्विवेदी “याज्ञिक” जी ने बताया कि इस दिन उनकी पूजा करने एवं विशेष मंत्रों का जाप करने से विद्या और बुद्धि की प्राप्ति होती है। देवी मां को प्रसन्न करने के लिए ज्योतिष शास्त्र में दिए गए उपाय कारगर साबित हो सकते हैं।
1- जिन बच्चों का मन पढ़ाई में नहीं लगता है उन्हें बसंत पंचमी के दिन “ऊं ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वत्यै नम:” अथवा “ऊं ऐं सरस्वत्यै नमः” मंत्र का जाप स्वयं करना या ब्राम्हण द्वारा कराना चाहिए। इससे बच्चे का दिमाग कम्प्यूटर से भी ज्यादा तेज हो जायेगा।
2 – विद्या और बुद्धि की प्राप्ति के लिए बसंत पंचमी के दिन अपने घर के पूजा स्थान पर सरस्वती यंत्र की स्थापना कर नित्य पूजन करें। तथा रोजाना पढ़ाई करने से पहले इस यंत्र को नमस्कार कर लें।
3 – अगर आपकी कोई मनोकामना पूर्ण नहीं हो पा रही है तो बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती के सिर पर मोरपंख रख दें। पूजन के अगले दिन इस मोरपंख को संभालकर अपने पास रख लें। इससे आपका काम बन जायेगा।
4 – बसंत पंचमी के दिन सुबह हल्दी और सरसों का तेल मिलाकर नहाने से देवी मां प्रसन्न होती हैं। इससे आपका भाग्य भी मजबूत होगा।
5 – इस दिन पीले वस्त्र पहनें एवं भोजन में पीली चीजों का सेवन करें। बसंत पंचमी को तहरी खाने का विशेष प्रचलन है।
6 – बसंत पंचमी को मां सरस्वती के अलावा श्रीकृष्ण की पूजा से भी लाभ मिलता है। इसलिए कृष्ण भगवान के मंदिर में बसंत पंचमी को पान और बांसुरी चढ़ाने से आपको मनचाहा लाभ मिलेगा।
7- बसंत पंचमी पर मां सरस्वती को पीले वस्त्र पहनाएं एवं पीले पुष्प अर्पित करें। साथ ही बेसन का लड्डू चढ़ाएं। इससे देवी मां प्रसन्न होंगी।
8 – इस दिन ब्राम्हणों को पुस्तक , पीला वस्त्र, स्वर्ण एवं रजत दान करने से ज्ञान की वृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। साथ ही पीले रंग का अनाज दान करने से घर में अन्न और धन की वृद्धि होती है।
9 – जो लोग तुतलाते या हकलाते हैं उन्हें बसंत पंचमी को देवी मां का स्वयं या ब्राम्हण द्वारा पूजन कराके शहद से सरस्वती मंत्र या स्त्रोत द्वारा अभिषेक कराना चाहिए। और प्रतिदिन स्नान के बाद इस शहद को प्रसाद रूप में 41 दिन तक ग्रहण करना चाहिए। इससे जल्द ही समस्या दूर हो जाएगी।
10 – मां सरस्वती की कृपा पाने के लिए उनके किसी भी सिद्ध मंत्र की एक माला का जाप करें। साथ ही सरस्वती जी को मोरपंखी चढ़ाएं। इससे बुद्धि का विकास होगा।
।। सबका मंगल हो ।।
आचार्य धीरज द्विवेदी “याज्ञिक”
(ज्योतिष वास्तु धर्मशास्त्र एवं वैदिक अनुष्ठानों के विशेषज्ञ)
संपर्क सूत्र – 09956629515
08318757871










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