काल बनीं सतना की सड़कें, 24 घंटे में चार लोगों की मौत
सतना रिपोर्टर । जिले में सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं स्थिति यह हो गई कि शुक्रवार को बीते 24 घंटे में सतना जिले में चार लोगों की मौत हादसों के कारण हो गई। इनमें वाहन सवारों और ट्रक चालकों की लापरवाही देखने मिली। इस हादसे में जहां एक पुलिस कर्मी की भी मौत हुई तो दो युवक सहित झोपड़ी में ट्रक घुसने से एक बालक की मौत हो गई। सतना की सड़कें काल बन चुकी हैं जिससे कारण हर कोई सड़क से गुजरने में भयभीत हो रहा है। स्थिति यह है कि सतना जिला प्रदेश में तीसरा सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं वाला जिला बना हुआ है। प्रशासन के लाख उपाय के बावजूद हादसे थम नहीं रहे हैं।
मोटरसाइकिल की टक्कर में प्रधान आरक्षक की मौत
शुक्रवार को एक और हादसे में पुलिस कर्मी को अपनी जान गवानी पड़ गई। घटना सिविल लाइन थाना अंतर्गत भाद गांव के पास घटी जहां आमने-सामने दो मोटरसाइकिलों की टक्कर में लगभग 45 वर्षीय प्रधान आरक्षक सोनू मरावी की मौत हो गई। सोनू मरावी जिले के सिंहपुर थाना की रैगांव चौकी में पदस्थ थे। हादसे के बाद घटनास्थल पर सिविल लाइन थाना प्रभारी अर्चना द्विवेदी के अलावा, सीएसपी महेंद्र सिंह और खुद पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह भी पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया। बताया जा रहा है कि शुक्रवार दोपहर लगभग तीन बजे प्रधान आरक्षक सोनू अपनी मोटरसाइकिल में सवार थे तभी सामने से आ रही मोटरसाइकिल की आमने-सामने से टक्कर हो गई जिससे मौके पर ही प्रधान आरक्षक सोनू मरावी की मौत हो गई।
मैहर में झोपड़ी में घुसा ट्रक, नाबालिग की मौत
जिले मैहर थाना अंतर्गत ग्राम सगमनिया में ईटा पराने का काम करने वाले कई मजदूर ग्राम सगमनिया में ईटा बनाने का काम कर रहे थे तभी बीती रात 11 से 12 के बीच बजे तेज रफ्तार डंपर अनियंत्रित होकर झोपड़ी में जा घुसा जिससे झोपड़ी के अंदर सो रहे 16 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। मामले में मैहर पुलिस ने शव पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जिसे शुक्रवार को स्वजनों के सुपुर्द कर दिया गया। घटना के बाद लोगों में आक्रोश है। वहीं डंपर को पुलिस ने जब्त कर जांच शुरू कर दी है।









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