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prayagraj शिविरों में घुसा पानी, आक्रोशित श्रद्धालुओं ने किया चक्काजाम

prayagraj शिविरों में घुसा पानी, आक्रोशित श्रद्धालुओं ने किया चक्काजाम
गंगा का बढ़ा पानी गंगदीप के शिविरों में घुसने से श्रद्धालुओं का गुस्सा चरम पर पहुंच गया। पांच नंबर पांटून पुल के पास आक्रोशित श्रद्धालु बुधवार दोपहर शिविरों से बाहर निकले और चक्काजाम कर दिया। दर्जनों श्रद्धालु चकर्ड प्लेट के मार्ग पर खड़े होकर नारेबाजी करने लगे।

जानकारी होने पर मेला प्रशासन से अधिकारी पहुंचे और श्रद्धालुओं से बातचीत शुरू की। अधिकारी पीड़ित श्रद्धालुओं को नागवासुकि के सामने हरिशचंद्र मार्ग पर बसाने का प्रस्ताव रखा। श्रद्धालुओं ने अधिकारी का प्रस्ताव खारिज कर दिया। श्रद्धालुओं का कहना था इतनी दूर नहीं जाएंगे। जलमग्न शिविरों से श्रद्धालुओं को हटाने और अन्यत्र बसाने पर काफी देर तक बातचीत हुई। इस दौरान मार्ग पर आवागमन रुका रहा। जलमग्न शिविरों के श्रद्धालुओं को गंगदीप के उत्तरी पट्टी में बसाने का प्रस्ताव रखा गया। श्रद्धालु उत्तरी पट्टी में जाने को तैयार हो गए। तीर्थ पुरोहित राजेंद्र पालीवाल ने बताया कि शिविरों में पिछले दो दिन से पानी भर रहा है। प्रशासन को ऐसी जगह शिविर नहीं बसाना चाहिए था। पालीवाल के अनुसार मेला प्रशासन पहले ही श्रद्धालुओं को गंगदीप के उत्तरी पट्टी पर बसा देता तो यह परेशानी नहीं होती।आठ दिन से कटी है शिविरों की बिजली

प्रयागराज। गंगदीप के दक्षिणी पट्टी के शिविरों की बिजली सप्लाई आठ दिन से बंद है। शिविरों के आसपास गंगा का पानी भरने से बिजली विभाग ने शिविरों की सप्लाई बंद कर दी थी। चक्काजाम के दौरान श्रद्धालुओं ने बिजली काटने का मुद्दा भी उठाया। मेला प्रशासन के अधिकारी ने बिजली विभाग के इंजीनियरों से बात की।

इंजीनियरों का कहना था कि कई जगह बिजली के पोल पानी में डूबे हैं और उनमें करंट उतरने का खतरा है। श्रद्धालुओं का कहना था इसके लिए विभाग को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी। गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद बिजली विभाग ने गंगदीप के उत्तरी पट्टी की भी सप्लाई मंगलवार से बंद कर दी है। अब गंगदीप दक्षिणी पट्टी के श्रद्धालुओं को उत्तरी पट्टी में बसाया जाएगा तो वहां भी बिजली नहीं होगी।कई श्रद्धालुओं ने अन्य शिविरों में डाला डेरा

प्रयागराज। माघ मेला क्षेत्र के गंगदीप में गंगा का पानी घुसने के बाद कई श्रद्धालुओं ने शिविर छोड़ दिया। शिविरों में पानी भरने के बाद कल्पवास कर रहे श्रद्धालु सामानों के साथ अपने परिचित या अन्य तीर्थ पुरोहितों के शिविरों में चले गए।

चार नंबर पुल के पास शिविर घिरे
प्रयागराज। माघ मेला क्षेत्र के चार नंबर पुल के पास शिविरों में पानी भरने का खतरा हो गया है। शिविर के चारों तरफ पानी भर गया है। शिविर के मार्ग डूब गए हैं। गंगा का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो गुरुवार तक शिविरों में पानी चला जाएगा।

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