शारदीय नवरात्रि में हाथी पर माँ भगवती का आगमन
इस वर्ष शारदीय नवरात्रि पर्व पर माँ भगवती हाथी पर सवार होकर आ रही है इसे देवी दुर्गा जी का शुभ वाहन माना जाता है शास्त्रों में वर्णन है कि जब पृथ्वी पर माता हाथी की सवारी पर आती हैं तो भक्तों की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती है ऐसे समय में इन नौ दिनों में किए गए सभी शुभ एवं पूण्य तथा धार्मिक कार्यों में सफलता मिलती है आचार्य धीरज द्विवेदी “याज्ञिक” ने बताया कि माता जी की सवारी वार पर निर्भर करती है अर्थात् नवरात्रि का प्रथम दिन जो होगा उसी अनुसार माँ दुर्गा की सवारी के विषय में शास्त्रों में वर्णित है।
इस वर्ष नवरात्रि के प्रथम दिन यानी 15 अक्टूबर 2023 को रविवार है।
रविवार पर माँ का आगमन हाथी पर होता है।हाथी के अलावा माँ अम्बा का डोली,सिंह,घोड़ा,नाव भी वाहन होता है।
नवरात्रि में माँ दुर्गा नौ दिनों तक भक्तों के बीच रहती हैं
आचार्य जी ने बताया कि इस नौ दिनों तक जो भक्त देवी जी का प्रेम भाव से पूजापाठ,यज्ञ आदि करता करवाता है उसके ऊपर माँ की कृपा होती है।
जो साधक नियम का पालन करते हुए नौ दिन तक “नवचंडी,शतचण्डी पाठ,एवं देवी मंत्रों का जाप स्वयं करता या ब्राह्मण से करवाता है माँ दुर्गा उसे शत्रु बाधा,ग्रह बाधा की पीड़ा से मुक्ति प्रदान कर सभी कार्यों को पूर्ण करती हैं।
नवरात्रि में अष्टमी,नवमी तिथि का होता है विशेष –
इस वर्ष शारदीय नवरात्रि की अष्टमी तिथि 22 अक्टूबर 2023 को तथा नवमी तिथि 23 अक्टूबर 2023 को है इन दोनों दिनों में कन्या पूजन करना चाहिए।बिना कन्या पूजन के नौ दिन की पूजा अपूर्ण मानी जाती है।
आचार्य धीरज द्विवेदी “याज्ञिक”
(ज्योतिष,वास्तु,धर्मशास्त्र एवं वैदिक अनुष्ठानों के विशेषज्ञ)










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