नहर ध्वस्त होने से दर्जनों गांव के किसानों में छाई मायूसी:
जागृति मिशन की बैठक के दौरान गंभीर समस्या पर जताई चिंता:
करछना। क्षेत्र की समस्याओं के संदर्भ को लेकर जमुनापार जागृति मिशन की एक बैठक पूर्व प्रमुख बब्बू निषाद कीअध्यक्षता में रामपुर में संपन्न हुई। बैठक के दौरान कभी छह दशक सन् 70के दौरान पहले बाबू मंगला प्रसाद,शास्त्री जी और बहुगुणा जी के समय में बेलन प्रखण्ड की शाखा जलना माइनर को कोहड़ार के समीप एनटीपीसी के निर्माण के समय ध्वस्त किए जाने से लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई। मिशन के कोहडा़र शाखा प्रभारी वंश बहादुर पांडेय ने कहा कि जलना रजवाहा द्वारा कोहड़ार,भगदेवा,पयासीपुर,
इसौटा,मई कलां,मई खुर्द,पताई,शाहपुर कलां आदि दर्जनों गांवों और मजरों में हजारों एकड़ खेतों में सिंचाई की सुविधा की गई थी। कुछ वर्ष पहले एनटीपीसी के निर्माण के समय नहर और पटरी का दुरुपयोग किए जाने से कोहडा़रघाट खीरी मार्ग पर काफी दूर तक रजवाहा पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है।इसके कारण एक बड़े भूभाग में सिंचाई में बाधा के साथ-साथ लोगों का आवागमन भी दुरूह हो गया है। अश्वनी जैन ने कहा कि उक्त टूटी नहर को ठीक कराने के लिए दर्जनों गांव के किसानों ने जहां कई बार विभागीय अधिकारियों से भी गुहार लगा चुके हैं वहीं जंगल विभाग भी उसे अपनी जगह बताकर अड़चन डाल रहा है। उन्होंने कहा की नहर निर्माण सन् 70 में कराया गया था जिस पर किसी भी प्रकार से भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया लागू ही नहीं होती है। मिशन के लोगों ने इस गंभीर मुद्दे पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए शीघ्र ही नहर को ठीक कराने की मांग उठाई। डॉ.पांडेय ने कहा कि निश्चित रूप से कई गांव के किसानों के सामने एनटीपीसी द्वारा पैदा की गई इस स्थिति के चलते सिंचाई की गहरी समस्या पैदा हुई है जिसे आगे सक्षम अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों तक उठाया जाएगा। बैठक में विजय पाल,रजत मिश्रा,अतुल तिवारी, अशोक सिंह,राजेंद्र गोस्वामी, हर्ष निषाद, राजमणि चौधरी,मानिकचंद ओझ,समेत कई लोग मौजूद रहे।









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