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अच्छा करोगे अच्छा मिलेगा

कहानी पढ़ने से पहले एक गहरी साँस ले… धीरे से अपनी आँखों को बंद करे… अपने ह्रदय से आने वाली प्यार भरी आवाज को सुनने की कोशिश करें… अब कहानी पढ़ना जारी रखें…

अच्छा करोगे अच्छा मिलेगा

प्रकृति के बहुत ही सरल नियम को आइए आज हम इस कहानी के माध्यम से महसूस करते है।

एक दिन की बात है, एक आदमी ने एक बूढ़ी औरत को सड़क के किनारे खड़ा देखा। उसको देखते ही उसे ऐसा लगा कि उसे कुछ मदद की ज़रूरत है इसलिए वह बिना समय गंवाए उसकी मर्सिडीज के ठीक सामने आके रूका।

बड़ी प्यारी मुस्कान के साथ वह उस औरत के सामने खड़ा हो गया, परंतु उसने देखा कि वह औरत चिंतित लग रही थी। उसकी आँखों से साफ नजर आ रहा था कि वह डरी हुई है। उस आदमी ने अपना परिचय देते हुए कहा, “मैम, मैं एंडी हूँ और मैं आपकी मदद करना चाहता हूँ। आप कार में बैठ के इंतजार क्यों नहीं करती ?”

इतना सुनते ही वह औरत कार में जा बैठी। कार का टायर सपाट था, एंडी कार के नीचे रेंग कर टायर ठीक करने लगा। जब वह नट कस रहा था, तब वह औरत खिड़की से नीचे देखकर उससे बात करने लगी। उसने उसे बताया कि उसका नाम नोरा है। वह सेंट लुइस में रहती है और इस रास्ते से सिर्फ गुजर रही थी। उसने एंडी से कहा कि,” तुमने जो मेरे लिए किया उसके लिए मैं जितना भी धन्यवाद दूँ , कम है।”

एंडी उनकी बातों को सुन के सिर्फ मुस्कुराया और उसने अपना काम पूरा किया। तब नोरा ने कहा, “मैं आपकी बहुत कर्जदार हूँ। आपका बहुत-बहुत शुक्रिया।” वह इस मदद के बदले किसी भी राशि का भुगतान करने के लिए तैयार है क्योंकि उन्होंने पहले से ही उन सभी भयानक चीजों की कल्पना की थी जो शायद हो सकती थीं, अगर आप मेरी मदद के लिए नहीं रुकता तो।

एंडी ने बड़े ही प्यार से जवाब दिया, “मैंने कुछ पाने के लिए आपकी मदद नहीं की थी। यह मेरे लिए कोई नौकरी नहीं थी, मैं सिर्फ किसी जरूरतमंद की मदद कर रहा था। भगवान जानता है कि बहुत सारे लोग थे, जिन्होंने मेरी मदद के लिए अतीत में हाथ बढ़ाया था। मैंने अपना पूरा जीवन ईमानदारी से जिया हैं, और यह मेरे लिए कभी नहीं हुआ कि मैं किसी अन्य तरीके से कार्य करू।”

एंडी ने आगे कहा, “यदि आप वास्तव में मुझे कुछ देना चाहती हैं, तो अगली बार जब आप किसी ज़रूरतमंद को देखें तो बस उसकी मदद करें और ज़रूरत पड़ने पर वह जो भी सहायता दे सकती हैं आप उसे दें और मेरे बारे में सोचें।”

एंडी तब तक वही खड़ा रहा, जब तक कि नोरा अपनी कार के साथ वहा से नहीं चली गई। गाड़ी चलाते हुए कुछ मील की दूरी पर नोरा ने एक छोटा-सा कैफे देखा और खाना खाने के लिए वहीं रुक गई। वह बहुत ही प्यारा दिखने वाला रेस्टोरेंट था। जैसे ही वह मेज पर बैठी, वेट्रेस बड़ी प्यारी मुस्कान के साथ आई। नोरा के गीले बालों को देखकर वेट्रेस ने नोरा को एक तौलिया दिया जिससे वह अपने बाल पोंछ सके।

नोरा ने वेट्रेस को देखा, वह लगभग आठ महीने की गर्भवती थी, लेकिन उसने किसी भी तनाव और दर्द के कारण अपना रवैया नहीं बदला। वह सोच रही थी कि इस महिला के पास इतना कुछ है भी नहीं, फिर भी वह किसी अजनबी के लिए इतना कुछ कैसे कर सकती है। तभी उसे अचानक एंडी की बात याद आई।

नोरा ने अपना खाना समाप्त करने के बाद, सौ डॉलर के बिल का भुगतान किया। वेट्रेस जल्दी से सौ डॉलर का बिल बदलने के लिए काउंटर पर गई लेकिन जब तक वह वापस आती तब तक नोरा जा चुकी थी। तभी उसने देखा कि टेबल पर रखें रुमाल पर कुछ लिखा हुआ था। जैसे ही उसनेे रखे रुमाल में जो लिखा था वह पड़ा उसकी आँखों से आँसू छलकने लगे। नोरा ने लिखा था: “तुम्हारा मुझ पर कुछ भी एहसान नहीं है। किसी ने मेरी मदद की थी, जिस तरह से मैं तुम्हारी मदद कर रही हूँ। अगर तुम सच में मुझे भुगतान करना चाहती हो तो जब किसी को जरूरत हो मदद कर देना और प्यार की इस कड़ी को कभी समाप्त न होने देना।”

नैपकिन के नीचे $100 थे।

उस रात जब वह (वेट्रेस) काम से घर आई, अपना खाना खाने के बाद बिस्तर पर सोने गई, तो वह पैसे के और साथ ही उस महिला के बारे में सोच रही थी कि महिला ने क्या लिखा था और वह महिला कैसे जान सकती थी कि उसे और उसके पति को इसकी कितनी आवश्यकता है? अगले महीने होने वाले बच्चे के साथ, यह उसके लिए बहुत कठिन समय था।

वह जानती थी कि उसका पति कितना चिंतित था, जो उसके बगल में सो रहा था। उसने धीरे से उसके कान में कहा कि “सब कुछ ठीक हो जाएगा। मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ, एंडी।”

हमारा हर विचार हमारे द्वारा किया गया हर कर्म, लौट कर हम पर आता है, यही प्रकृति का, सृष्टि का नियम है।

          

“जब कोई नेक काम किया जाए तो उससे मिलने वाली ख़ुशी औरों में बाँटें। तब चेतना अबाध रूप से बढ़ेगी।”
दाजी

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