होले महल्ले पर गुरुद्वारे का वातावरण खालसा रंग में रंगा- सरदार पतविंदर सिंह
नैनी/ प्रयागराज /होलामहल्ला के अवसर पर प्रयागराज के नैनी गुरुद्वारा,श्री गुरु नानक दरबार मीरापुर,पक्की संगत,गुरुद्वारा प्रीतमनगर, अलोपीबाग,सदियांपुर विभिन्न गुरुद्वारों मे संगत ने बड़ी संख्या में गुरुद्वारा पहुंचकर गुरु चरणों का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मौके पर बोले सो निहाल के जयकारे लगाए और गुरुद्वारा का वातावरण खालसा रंग में रंगा नजर आ रहा था।
गुरुद्वारे मे दीवान सजा इस दौरान जपुजी साहिब,सुखमनी साहिब,चौपई साहिब जी के पाठ,शब्द-कीर्तन,पंथ के प्रसिद्ध रागी जत्थो ने गुरुबाणी व गुरु इतिहास से जोड़ा। सरदार पतविंदर सिंह ने कौम को संदेश देते कहा कि सिख विरासत की शान ही सिख कौम को दुनिया अंदर विलक्षणता दिखाती है,जिसका एक अंग गुरु साहिब की तरफ से चलाई गई होले महल्ले की परंपरा है।
मनजीत सिंह ने कहा कि होले महल्ले का मनोरथ मानवता को भय रहित करने का साथ साथ रक्षा के लिए तैयार करना भी था।
रोमित सिंह ने चिंता व्यक्त करते कहा कि आज की नौजवानी अपनी मानमती परंपराओं से टूटती सी जा रही है,जिसे संभालने के लिए बड़े स्तर पर प्रयास करने की जरूरत है
मनजीत कौर ने होला मोहल्ला के इतिहास के बारे संगत को जानकारी दी और होले महल्ले की बधाई दीl,अरदास समाप्ती उपरांत गुरु का प्रसाद अटूट बरता गयाl संगत समय से गुरु घर पहुंच कर गुरबानी पढ़,सुनकर,जपकर गुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया प्रमुख रूप से सुरेंद्र सिंह,बलजीत सिंह,रंजीत सिंह,रोमित सिंह,जसविंदर सिंह, जितेंद्र सिंह,परमीत कौर,अमृत कौर गुरुजीत कौर,दलजीत कौर,हरमनजी सिंह,दवेन्द्र अरोड़ा आदि प्रमुख सेवादार रहेl











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