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प्रदूषण से गंगाजी का दम घुट रहा है पुष्प वर्षा आग में घी का काम-विनय कुशवाहा मौन स्नान व साधना में खलल हेलीकॉप्टर उड़ान।

प्रकाशनार्थ
प्रदूषण से गंगाजी का दम घुट रहा है पुष्प वर्षा आग में घी का काम-विनय कुशवाहा मौन स्नान व साधना में खलल हेलीकॉप्टर उड़ान।
प्रयागराज 21 जनवरी ।समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता विनय कुशवाहा ने माघमेला व कुम्भ मेला पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की नई परपंरा का विरोध करते हुए कहा कि गंगा जी वैसे प्रदूषण की मार झेल रही हैं ऊपर से टनों फूल वर्षा से प्रदूषण और बढ़ेगा।उन्होंने कहा कि कुछ चीजें आस्था विश्वास से जुड़ी हैं उसी के सहारे लोग संगम की रेती पर खीचें चले आते हैं इसलिए आस्था को आस्था ही रहने दिया जाय उसका व्यावसायीकरण ना हो।
प्रवक्ता ने कहा कि जो सच्चे मन से भगवान की साधना करने संगम की रेती पर आते हैं एक महीने के लिये अपना घर परिवार छोड़ कर कल्पवास करते हैं दो समय स्नान एक समय भोजन कर अपने इष्टदेव का मनन करने शांति से ,वहीँ पूरे देशभर से सच्चे साधु सन्यासी एक माह तक योग -ध्यान-साधना करने आते हैं शांति से,ऐसे में हेलीकॉप्टर की गड़गड़ाहट से उनके साधना में खलल पड़ता हैं और ध्यान भंग होता हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि हिन्दू ग्रंथावली में ऐसे कई प्रकरण का जिक्र है कि ऋषि-मुनियों की तपस्या में खलल डालने पर उनके कोपभाजन श्राप के शिकार भगवान व देवता तक हुए हैं और जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री खुद योगी महंत हो तो उन्हें अच्छी तरह पता होगा कि उनकी साधना के समय शांति चाहिए शोरगुल नहीं तो फिर हेलीकॉप्टर का चक्कर क्यों लगने दे रहे हैं साधु सन्यासी कल्पवासियों की साधना भंग करने के लिए इसलिए इसपर रोक लगायी जाय कि आने वाले किसी भी माघमेला व कुम्भ मेला में हेलीकॉप्टर के चक्कर मेला क्षेत्र में नहीं लगेंगे।इसकी एक वजह यह भी है कि पोखरण नेपाल में अभी विमान दुर्घटना हुई वो तो पहाड़ी क्षेत्र था यहाँ तो लाखों लोग एक जगह पर होते हैं ऐसे में भगवान ना करें ऐसी घटना हुई तो क्या होगा सब स्नानार्थियों के सर पर खतरा क्यों मड़राना।

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