Jan Media TV

Inform Engage Inspire

Advertisement

सेवा से ही सिद्धि संभव-डॉ मृत्युंजय राव परमारप्रयागराज

सेवा से ही सिद्धि संभव-
डॉ मृत्युंजय राव परमार
प्रयागराज
‌ “राष्ट्रीय युवा दिवस पूज्य स्वामी विवेकानंद की जयंती समारोह में गरीबों निराश्रित दीन-हीनों में बांटे गए कंबल”
चांड़ी नैनी स्थित श्री: सुमंगलम् सेवा प्रकल्प परिसर में स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करते हुए उनके विचारों एवं संकल्पों को उपस्थित जनसमूह के मध्य रखा गया। कार्यक्रम की शुरुआत मा. शिशिर प्रकाश जी अधिवक्ता उच्च न्यायालय की अध्यक्षता में राष्ट्रीय युवा दिवस धूमधाम से मनाया गया। पूज्य स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित करते हुए अतिथियों का सम्मान एवं परिचय के साथ परिसर के बच्चों द्वारा समूह गीत एवं कौशलम की बहन प्रकृति विश्वकर्मा द्वारा “रामकृष्ण गुरुदेव का सफल हुआ अभियान* नामक गीत की प्रस्तुति दी। मुख्य वक्ता डा. मृत्युंजय राव परमार जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज स्वामी विवेकानंद के विचारों को दुनिया के लोगों को ज्यादा आवश्यकता है। सुमंगलम परिसर में दिए जा रहे युवा बच्चों के संस्कार शिक्षा से यही लगता है कि स्वामी विवेकानंद का भारत देश यही है हिंदू धर्म और भारत की प्रतिष्ठा स्थापित करने वाले स्वामी विवेकानंद एक आध्यात्मिक संत होने के बावजूद अपने नवीन एवं जीवंत विचारों के कारण आज भी युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत बने हुए हैं। विशिष्ट अतिथि अजय राय जी ने बताया स्वामी विवेकानंद ने मानव सेवा को सर्वोपरि माना। कार्यक्रम का संचालन परिसर का बालक योगेंद्र द्वारा किया गया एवं पंकज द्वारा पधारे हुए लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का प्रस्तावना सुमंगलम परिसर के निदेशक अजीत जी ने किया। सेवा प्रकल्प परिसर में उपस्थित दूर दराज से आए गरीब निराश्रित दीनहीन ग्रामीण लोगों में सैकड़ों कंबल बांटा गया। कम्बल पाते ही ग्रामीण लोगों में खुशी का ठिकाना ना रहा। ग्रामीण महिला बुजुर्ग वृद्धों ने श्री सुमंगलम सेवा प्रकल्प को आशीर्वाद भी दिया। युवा दिवस में उपस्थित प्रमुख जनों में विभाग प्रचारक डाॅ पीयूष जी अनिल श्रीवास्तव काशी, सुमन जादौ, अनीता श्रीवास्तव, पवन श्रीवास्तव सुजीत सिंह, संस्थापक निदेशक अरविंद श्रीवास्तव जी श्रीमती देवयानी जी ,लक्ष्मी कांत मिश्र, रामकृष्ण तिवारी, अजीत बहादुर , जयप्रकाश जयसवाल, वेदानन्द “वेद “राजेश सिंह सतीश ,दीपक अंबुज सहाय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *