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क्यों जुड़े संघ से,फायदे क्या हैं।

क्यों जुड़े संघ से,फायदे क्या हैं।।

जन मीडिया टी वी की एक बातचीत भारतीय किसान कल्याण संघ के राष्ट्रीय महासचिव संतोष त्रिपाठी संत जी के साथ ।

संगठन एक ऐसा मंच है जो जीवन में कभी निराश नहीं होने देता बस आप अपने लोगों से रोज पांच मिनट बात करते रहे,संगठन वह परिवार है जो हर दुख को मिलकर बांटता है साथ ही खुशिया भी मिलकर मनाता है जिससे दुख दर्द का एहसास नहीं होता और खुशिया कई गुना बढ़ जाती है
संगठन में रहकर आप अमर हो जाते हो,जीवन मरण से उपर उठ जाते हो, आपकी विचार धारा समाज के लिए प्रेरणा स्रोत होती है , हम सभी संघ के माध्यम से जरूरत मंद की मदद अपनी हिम्मत से ज्यादा कर पाते हैं इसका सबूत भारतीय किसान कल्याण संघ का जन्म दो साल पहले दो विचारों के मिलने से अंकुरित हुआ,जन्म लेते ही दर्जनों सहयोगी मिले कुछ लोग कुछ दूर तक के साथी कुछ लोग कुछ साल के साथी,कुछ दशकों के साथी बने।उन दिनों देश की आबादी की सत्तर प्रतिशत जनता कृषि,या मजदूरी पर निर्भर रहती थी , छोटे किसान व्यापार का प्रयास करते थे,जैसे उनके द्वारा पैदा किया अनाज क्रय केंद्र में जाता तो केन्द का प्रभारी अनाज गीला है, कचरा है तमाम कमी निकालकर किसानों को परेशान करता यदि किसी तरह ले भी लेता तो की महीनों तक उसका पैसा नहीं देता किसान बार बार परेशान होता उसी समय कोरोना बीमारी का प्रकोप बढ़ा , किसान मरने के कगार पर आ गया। प्रयागराज के दक्षिणी क्षेत्र बुंदेलखंड के किसानों की हालत नाज़ुक हो गई। शंकरगढ़ के एक अखबार ने इस घटना को प्रकाशित किया और हमारा संघ इस घटना को कोरोना के प्रकोप में किसानो की मदद के लिए आगे आने का संकल्प लिया,फिर क्या था उस विभाग के ऊपर जब भारतीय किसान कल्याण संघ का दबाव बना कि “अनाज का दाम दो या जान दो” तो विभाग सभी बकाएदारों का भुगतान तीन दिन के अंदर किया, यह संघ की पहली सफलता है जो एक ब्यक्ति नहीं कर सकता, इसी तरह बारा तहसील की बघला नहर का निर्माण कराना करछना में किसानो के बृक्ष का मुआवजा देना व कोरांव में बिजली‌ विभाग को तुरंत सिंचाई के लिए ट्रांसफार्मर लगाना कानपुर में किसानो की अधिकृत जमीन का मुआवजा दिलाना आदि समस्याओं का समाधान करते हुए संघ आज धीरे धीरे अपने वट बृक्ष का विस्तार कर रहा है। लोग समृद्धशाली नही‌ होगे तो समाज शासन प्रशासन भी अपनी मर्जी करता रहेगा, आज डेढ़ करोड़ किसान,या किसान हितैषी -सरकार को जब चाहे बना या बिगाड़ सकते हैं पर संगठित होकर। तो आइए हम अपनी शिक्षा , चिकित्सा बेरोजगारी की सभी समस्याओं के लिए संघ में जुड़कर देश को समृद्धशाली बनाए।।।

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