फसादों का सियासत से कनेक्शन जोड़ देते हैं-
पूजा पण्डाल में पहुंचे कवियों ने लोगों को जी भर गुदगुदाया
करछना। क्षेत्र के लोहंदी गांव में नव दुर्गा पूजा महोत्सव के अंतिम दिन मंच पर पहुंचे कवियों ने लोगों को जी भर गुदगुदाते हुए खूब तालियां बटोरी। रुक-रुक कर हुई बारिश के बीच भी श्रोता देर रात तक जमे रहे। आरती और प्रसाद वितरण के बाद कवि सम्मेलन का शुभारम्भ लोक कलाकार मोहिनी श्रीवास्तव द्वारा प्रस्तुत वंदना,जगतारिणी मैया ज्ञान का दीप जला दे,के साथ हुआ। राम जी से पूंछे जनकपुर की नारी बता द बबुआ जैसे गीतों पर खूब तालियां बटोरी। मंच का संचालन कर रहे हास्य व्यंग के चर्चित कवि अशोक बेसरम ने राजनीतिक विसंगतियों पर तंज कसते हुए कहा-मुकर जाते हैं वादों से,शराफत छोड़ देते हैं। सियासी लोग जनता की उम्मीदें तोड़ देते हैं। वोट की लीड के खातिर,अक्सर आज के लीडर,
फसादों से सियासत का कनेक्शन जोड़ देते हैं। अजय प्रेमी द्वारा प्रस्तुत वंदे मातरम् गीत ने लोगों के बीच देश प्रेम का भाव जागृत किया तो वही अली इलियास ने ओज की धारदार रचनाओं पर खूब तालियां बटोरी। संतोष शुक्ला समर्थ ने कहा-डर को मन से निकाल कर रखना, बिटिया तुमसे यही गुजारिश है,घर की इज्ज़त संभाल कर रखना। संयोजक कवि विपिन बिहारी त्रिपाठी ने,मन वचन कर्म से एक हो जाइए जैसी पंक्तियों पर खूब वाहवाही लूटी। नव दुर्गा पूजा समिति की ओर से मंच पर कवियों को सम्मानित किया गया।इस मौके पर भारी बारिश के दौरान भी सैकड़ों श्रोता और महिलाएं देर रात तक पण्डाल में मौजूद रहे।












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