बुंदेलखंड के किसानों को चाहिए विशेष पैकेज – संतोष त्रिपाठी
भारतीय किसान कल्याण संघ ने किसानों की मदद के लिए छेड़ी मुहिम।।
प्रयागराज। झांसी,महोबा,जालौन,उरई,बांदा चित्रकूट प्रयागराज का क्षेत्र बुंदेलखंड में आता है,यहां पर प्रयागराज का यमुना पार क्षेत्र यानि करछना मेजा बारा कोरांव से बरगढ,मऊ, कर्वी, चित्रकूट, बांदा,से ललित पुर, महोबा,झांसी जालौन में क्षेत्र आजादी के पचहत्तर साल बाद भी वही खड़ा है।जहां यह क्षेत्र पथरीला होने के कारण पानी के लिए तड़प रहा है गर्मी के मौसम में तो लोग त्राहि त्राहि करते हैं ये हाल मानव जानवर,पशु पक्षियों का भी है दुसरी तरफ यहां के किसानों ने पत्थर काट कर खेत बनाया पर अभी तक पानी की नहर का निर्माण सभी जगह नहीं हो पाया। हेमवती नंदन बहुगुणा ने यमुना नदी से एक नहर का निर्माण करवाया,पर वह आज तक वह विस्तार नहीं हो सकी। पिछले दो साल पहले भारतीय किसान कल्याण संघ ने अधिकारियों पर दबाव बनाकर कुछ साफ सफाई व रिपेयर का काम करवाया था।लेकिन उसके बाद दो सालों से समय पर पानी खेतों को न मिलना आम बात हो गई है। वहा के किसानों को रोजगार के लिए बारा में पावर प्लांट लगाया गया, किसानों की जमीन ली गई पर उसके बदले किसानों को डेली बेसिस पर रखा गया।आज तक उन मजदूरों किसानों को परमानेंट भी नहीं किया गया,कई बार धरना प्रदर्शन हुए पर प्रशासन पूंजीपतियों से मिलकर मजदूर किसान को जबरन हटा दिया जाता।
वहीं बारा रिफाइनरी प्लांट के नाम पर जमीन ली गई अभी तक किसानों को जमीन के बदले न काम न दाम मिला। करछना के भीरपूर कचरी में भी एक प्लांट के लिए किसानों से जमीन ली गई पर आज तक उसका भी कोई निराकरण नहीं हुआ।बरगढ में भी प्लांट लगाने के नाम पर ऐसा ही हुआ। चित्रकूट, बांदा का अधिकतर क्षेत्र पथरीला आज भी है आज तक कितनी सरकारें आईं गई पर किसी का ध्यान यहां के किसानों पर नहीं गया।
भारतीय किसान कल्याण संघ ने यहां के सभी ब्लाकों में आवारा पशुओं की समस्या,क्रय केंद्र पर दलाली, किसान नहर निर्माण अभियान,भू माफिया द्वारा किसानों की जमीन पर कब्जा कंपनियों द्वारा किसानों की जमीन का मुआवजा आदि जमीनी समस्याओं पर प्रदर्शन, ज्ञापन देती रहती है। जहां लोग स्वार्थ की बात करते हैं वहीं संघ सेवा ही परम धर्म पर काम करती है।
आज मौजूदा सरकार ,उनके प्रतिनिधि से। संघ पुरजोर तरीके से मांग करती है कि हर हाथ को काम,हर खेत को पानी देने का काम करें। अन्यथा संघ बुंदेलखंड के निर्माण के लिए उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगा।
आप सभी प्रदेश के किसान देश के गरीब किसानों के लिए आगे आए।जब जब आतताई आए हैं पहले किसानों की हत्या हुई है। किसान कल्याण के लिए देश के हित के लिए आगे आने वाली पीढ़ी के लिए सब मिलकर आगे आए। डर से डर को निकाले। भारतीय किसान कल्याण संघ को मजबूत कर किसान कल्याण कर देश का नव निर्माण करें।।











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