आसमान टेसू हुआ, धरती सब पुख़राज;
मन सारा केसर हुआ, तन सारा ऋतुराज…
रंग-रंग राधा हुयीं, कान्हा हुए ग़ुलाल;
बृज क्षेत्र सब होली हुआ, बृजवासी रचें धमाल…
होली राधा – श्याम की, और न होली कोय;
जो मन राचे प्रेम रंग, फ़िर रंग चढ़े न कोय…!!
मंगलकामनाओं सहित आपको एवं आपके परिवार को होली की रंगबिरंगी शुभकामनाएं..!









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