महाशिवरात्रि एवं शिव नवरात्रि महोत्सव” 2022
“वर्ष में एक बार ही श्री महाकालेश्वर भगवान् को हल्दी अर्पित की जाती हैं।”
श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में महाशिवरात्रि के पहले शिव नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है, आचार्य पं. धीरज द्विवेदी “याज्ञिक” ने बताया कि इस दौरान पूरे 9 दिन तक महाकाल के दरबार में देवाधिदेव महादेव और माता पार्वती के विवाहोत्सव का उल्लास रहता है।
श्री महाकाल महाराज के दरबार में भगवान महाकाल और माता पार्वती के विवाह उत्सव का उल्लास शिव नवरात्रि के प्रथम दिवस से बिखरने लगता है।
शैव मतानुसार – महाशिवरात्रि के 9 दिन पूर्व अर्थात्- फाल्गुन कृष्ण पक्ष पंचमी से फाल्गुन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी महाशिवरात्रि तक शिव नवरात्रि या महाकाल नवरात्रि का 9 दिन का उत्सव बताया गया है।
मान्यतानुसार भगवान शिव को हल्दी अर्पित नहीं की जाती। ऐसा इसलिए क्योंकि हल्दी स्त्री सौंदर्य प्रसाधन में प्रयोग की जाती है और शास्त्रों के अनुसार शिवलिंग पुरुषत्व का प्रतीक है।
एक अन्य कारण यह भी है कि हल्दी गर्म होती है और महादेव को शीतल पदार्थ अर्पित किये जाते हैं।
किन्तु इन 9 दिनों मे बाबा महाकाल को नित्य हल्दी, केशर, चन्दन का उबटन, सुगंधित इत्र, औषधी, फलो के रस आदि से स्नान करवाया जाता है।
जिस प्रकार विवाह के दौरान दूल्हे को हल्दी लगाई जाती है। उसी प्रकार भगवान श्री महाकालेश्वर को भी हल्दी लगाई जाती है।
9 दिनों तक सांयकाल को केसर व हल्दी से भगवान महाकालेश्वर जी का अनूठा श्रृंगार किया जाएगा । भगवान को हल्दी लगाकर दूल्हा बनाया जायेगा। भक्तों को 9 दिन तक भगवान महाकाल अलग-अलग रूपों में दर्शन देंगे।
शिव नवरात्रि के 9 दिन दूल्हा स्वरूप में होने वाले राजाधिराज बाबा महाकाल के श्रृंगार के दर्शन करने से भक्तों की समस्त मनोकामनाएं पूरी होती हैं। महाशिवरात्रि के दिन भगवान महाकाल का सेहरा सजाया जाता है वर्ष 2022 में यह पर्व 21 फरवरी से प्रारंभ होकर 01 मार्च 2022 तक रहेगा।
इन 9 दिनों तक शिव सम्बंधित साधना एवं पूजन से भक्तों की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।
आचार्य धीरज द्विवेदी “याज्ञिक”
(ज्योतिष वास्तु धर्मशास्त्र एवं वैदिक अनुष्ठानों के विशेषज्ञ)
संपर्क सूत्र – 09956629515
08318757871










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