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अदेयता प्रमाण पत्र के लिए वर्षो से भटक रहे हैं एसबीआई के लाभार्थी

अदेयता प्रमाण पत्र के लिए वर्षो से भटक रहे हैं एसबीआई के लाभार्थी

कौशांबी बैंक अधिकारियों की मनमानी से बैंक ग्राहक परेशान हैं लेकिन ग्राहकों की परेशानी का निदान जिले से लेकर मंडल प्रदेश तक के बैंक अधिकारी नहीं कर पा रहे हैं जिससे बैंक ग्राहकों का आक्रोश बैंक अधिकारियों के प्रति बढ़ रहा है ताजा मामला भारतीय स्टेट बैंक की भाड़ेसर शाखा का है जहां बैंक का ऋण अदा करने के बाद आदेता प्रमाण पत्र पाने के लिए बीते एक वर्ष से बैंक ग्राहक बैंक अधिकारियों का चक्कर लगा रहा है लेकिन उसके बाद भी रोज बहानेबाजी कर शाखा प्रबंधक उसे बैंक से बाहर कर देते हैं जिससे बैंक लाभार्थी परेशान है

जानकारी के मुताबिक सिराथू तहसील क्षेत्र के महमदपुर गांव निवासी राम सूरत सिंह ने बैंक से केसीसी का लोन कराया था जिसकी अदायगी उन्होंने कर दी इसी बीच राम सूरत सिंह की मौत हो गई बैंक लाभार्थी राम सूरत सिंह की मौत के बाद उनके बेटे लालता प्रसाद सिंह भारतीय स्टेट बैंक की शाखा भाड़ेसर पहुंचे और उन्होंने अपने पिता के बैंक खाते का बकाया शेष रकम जमा कर दिया इसके बाद लालता प्रसाद सिंह ने अपने पिता के खाते का अदेयता प्रमाण पत्र की मांग बैंक प्रबंधक से की जिस पर बैंक प्रबंधक ने उन्हें व्यस्तता का बहाना बताकर 2 दिन बाद देने की बात कह कर बैंक से बाहर कर दिया यह सिलसिला बैंक का चल पड़ा और जब भी लालता प्रसाद सिंह भारतीय स्टेट बैंक की शाखा भाड़ेसर अदेयता प्रमाण पत्र लेने जाते हैं उन्हें व्यस्तता का बहाना कर शाखा प्रबंधक बाहर कर देते हैं एक वर्ष से लगातार लालता प्रसाद अदेयता प्रमाण पत्र पाने के लिए बैंक का चक्कर लगा रहे हैं बताते चलें कि 14 नवंबर 2020 को राम सूरत सिंह की मौत हो चुकी है लेकिन ग्राहक को परेशान करने में अभ्यस्त हो चुके शाखा प्रबंधक ग्राहकों की परेशानी को कम करने के बजाय और बढ़ा रहे हैं अभी तक शाखा प्रबंधक के इस कारनामे पर क्षेत्रीय प्रबंधक मुख्य प्रबंधक ने मामले को संज्ञान नहीं लिया है शाखा प्रबंधक के ग्राहक विरोधी कार्यो पर मुख्य प्रबंधक ने संज्ञान लिया तो शाखा प्रबंधक को दंडित होना पड़ सकता है पीड़ित जिलाधिकारी से शिकायत कर मामले का निस्तारण के लिए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा था लेकिन चुनाव में व्यस्तता के चलते पीड़ित की जिलाधिकारी से मुलाकात नहीं हो सकी है

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