जमुनापार का स्वाभिमान ही हमारी अमानत=डॉ पाण्डेय
करछना। जमुनापार की माटी देवभूमि के रूप में अपने अतीत के मानकों को सहेजती संघर्ष और समर्पण की भूमि रही है। जागृति मिशन अपने बुजुर्गों और प्रबुद्धजनों के सम्मान की अलख जगाते हुए इस परंपरा को सहेजनेऔर संजोने के लिए सदैव संघर्ष करता रहेगा। यह बातें रामपुर में आयोजित जागृति मिशन की एक बैठक के दौरान संयोजक डॉ.भगवत पाण्डेय ने कही। उन्होंने कहा कि आज के बदलते परिवेश में माफिया और धन पशुओं द्वारा सुनियोजित तरीके से खरीद-फरोख्त का आलम है।अपने स्वाभिमान के साथअपनी संस्कृति और विकास की अलख जगा कर दबंगई, धांधांगर्दी और लूट का खसोट का विरोध करने वाले शायद इस माहौल में नहीं खप पा रहे हैं। मिशन ने सदैव क्षेत्र के कलाकारों प्रतिभाओं,प्रबुद्धजनों, समाजसेवियों,सेनानियों शिक्षाविदों,साहित्यकारों को एक मंच पर संजोते हुए इस अप संस्कृति का विरोध किया और यह संघर्ष अनवरत जारी रहेगा। मिशन के लोगों ने कहा कि क्षेत्र में सामाजिक सद्भाव के साथ साथ बहुमुखी विकास की जरूरत हैऔर मिशन जिसके लिए संघर्ष कर रहा है। कुछ लोग अपने स्वार्थों के लिए को लेकर इसे अगड़े और पिछड़े में बांटकर राजनैतिक रोटी सेकना चाहते हैं, ऐसे लोगों का मंसूबा कभी भी सफल नहीं हो पाएगा। इस दौरान क्षेत्र के प्रबुद्ध जन,साहित्यका,कवि,कलाकार और मिशन के लोग मौजूद रहे।
जमुनापार का स्वाभिमान ही हमारी अमानत=डॉ पाण्डेय










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