prayagraj ठंड की मार, तीन हजार से अधिक मरीज पहुंचे अस्पताल
बुधवार सुबह के साढ़े 11 बजे हैं। एसआरएन हॉस्पिटल की मेडिसिन ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतार लगी है। फाफामऊ के सुशील, अल्लापुर की राधा केसरवानी और राजरूपपुर के कंचनदास इलाज के लिए सुबह नौ बजे से लाइन में लगे हैं। किसी को सर्दी है तो कोई खांसी से परेशान है। मरीजों की भीड़ अधिक है तो डॉक्टर भी जल्दी-जल्दी मरीजों को देख रहे हैं। एक मरीज को दो मिनट का भी समय नहीं मिल रहा है। सिर्फ लक्षण पूछकर दवा लिख रहे हैं। मरीजों ने बताया एक या दो घंटे के इंतजार के बाद डॉक्टर देखते हैं, लेकिन पूरी बात सुने बिना ही दवा लिख देते हैं। कड़ाके की सर्दी के कारण ओपीडी में मरीज बढ़ गए हैं। अधीक्षक डॉ. अजय सक्सेना के अनुसार, बुधवार को 1955 मरीजों का ओपीडी में इलाज किया गया। इसमें से अधिकांश सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार के मरीज रहे। दमा, हार्ट, त्वचा संबंधी शिकयतें भी बढ़ी हैं। कॉल्विन में करीब 1267 मरीज ओपीडी में पहुंचे।
कॉल्विन में 50% मरीज 60 से अधिक उम्र वाले
कॉल्विन अस्पताल की ओपीडी भी बुधवार को मरीजों से भरी रही। मरीज ज्यादा होने के कारण ओपीडी का समय करीब आधे घंटे बढ़ाया गया। दिनभर में 1267 मरीज ओपीडी में अलग-अलग समस्याओं को लेकर पहुंचे। मौसमजनित रोगों के पीड़ितों की संख्या अधिक रही। अधीक्षक कार्यालय के अनुसार, 60 पार वाले मरीजों की संख्या 50 फीसदी रही। बेली हॉस्पिटल की ओपीडी बंद होने से मरीजों का लोड काफी हद तक यहां बढ़ा है।
एमडीआई में घटे मरीज, चिल्ड्रेन में सौ भर्ती
सर्दी और कोरोना के कारण एमडीआई की ओपीडी में मरीजों की संख्या कम रही। औसतन हजार से 12 सौ की ओपीडी में बुधवार को चार सौ मरीज ही आए। वहीं चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में 70 बच्चे अलग-अलग दिक्कतों के आए। विभागाध्यक्ष डॉ. मुकेशवीर सिंह ने बताया कि अभी मौसम का बहुत अधिक असर बच्चों पर नहीं पड़ रहा है। 120 बेड पर 100 बच्चे इलाज को आए।दूर से आए पर दवा भी पूरी नहीं मिली
एसआरएन और कॉल्विन हॉस्पिटल में सोरांव, फाफामऊ, चौफटका, मलाक हरहर, शंकरगढ़, हंडिया समेत दूर-दराज से मरीज आए। इंतजार के बाद डॉक्टरों को दिखाया तो काउंटर से पूरी दवा भी नहीं मिली। किसी को तीन में से दो तो किसी को पांच में से तीन दवा मिली। एसआरएन में सर्दी, खांसी जुकाम व बुखार की अधिकांश दवा नहीं थी। यही हाल कॉल्विन में भी रहा। हालांकि अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि पर्याप्त स्टाक दवा का है।
बीपी पर रखें नजर, हार्ट और त्वचा की बढ़ी दिक्कत
कड़ाके की सर्दी से हार्ट संबंधी दिक्कत बढ़ गई है। कॉल्विन के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राजेश श्रीवास्तव के अनुसार, यह मौसम हार्ट रोगियों के लिए काफी खतरनाक है। सप्ताहभर के अंतराल में मरीज बढ़े हैं। एक दिन में 80 से 100 मरीज आते थे, अब करीब 150 लोग आ रहे हैं। सर्दी में बीपी की समस्या भी बढ़ जाती है। बीपी की दवा खाने वाले नियमित रूप से सेवन करते रहें। साथ ही इसकी जांच भी कराते रहें। वहीं वरिष्ठ त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. केजी सिंह ने बताया कि त्वचा संबंधी समस्याएं मौजूदा मौसम में बढ़ी हैं। त्वचा ड्राई होने के साथ खुजली, एलर्जी और सिर में रूसी की शिकायतें बढ़ी हैं।









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