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भा कि यू‌ के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत पहुंचे प्रयागराज

भा कि यू‌ के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत पहुंचे प्रयागराज
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत अपने तीन दिवसीय प्रवास में प्रयागराज पहुंचे जहां उन्होंने क्षेत्रीय पार्टी कार्यकर्ताओं एवं भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस अवसर पर उन्होंने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि भारतीय किसान यूनियन द्वारा 13 महीनों से चलाई जाने वाली आंदोलन को केंद्र सरकार द्वारा किए गए वादे के आधार पर समाप्त कर दिया है, लेकिन अब वादाखिलाफी का जो दौर शुरू हुआ है इससे वह काफी आहत हुई है और जल्दी ही वह सभी राज्यों की सरकारों से बात करके न्यूनतम समर्थन मूल्य पर एक मत बनाएगी, तथा उसी के आधार पर केंद्र सरकार के साथ बात करेगी। केंद्र सरकार ने जो वादाखिलाफी की है वह किसी भी तरीके से मान्य नहीं है। केंद्र सरकार द्वारा जो कमेटी बनाने की बात कही गई थी उस बात से भी केंद्र सरकार पीछे हट रही है, इसलिए भारतीय किसान यूनियन केंद्र सरकार को इस बात का दबाव डालेगी कि वह कमेटी का गठन कर न्यूनतम समर्थन मूल्य और रेलवे द्वारा माल की आवाजाही आदि विषयों पर एक राय तैयार करें। 21 तारीख को तैयार किया गये खाके के आधार पर सबसे पहले लखीमपुर खीरी में पीड़ित परिवारों से मुलाकात करना, जेल में बंद किसानों से मुलाकात करना, एवं प्रदेश सरकार पर इनके साथ न्याय उचित कार्रवाई करते हुए जो गलत आरोप लगाकर जेल भेजे गए है उन किसानों को छोड़ने की बात की जाएगी, एवं आरोपी मंत्री एवं उसके पुत्र के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई हो इसके लिए भी मांग की जाएगी। धान खरीद पर उन्होंने कहा कि इस बार धान खरीद में होने वाली धांधली का मुख्य कारण एमएसपी पर एक राय और एक मत ना होना है। जिसको लेकर पिछले 13 महीनों से भारतीय किसान यूनियन एवं सहयोगी दल आंदोलनकारी रहे अब एक बार फिर से राज्य एवं केंद्र सरकार से बात की जाएगी ताकि न्यूनतम समर्थन मूल्य के आधार पर धान की खरीद पर होने वाली हीलाहवाली को रोका जाए और अगर सरकार फिर से मानने से मना कर देती है तो एक व्यापक कार्रवाई की जाएगी। शिव सेना द्वारा दिए गए सामना में बयान के आधार पर समर्थन की बात के विषय में पूछे जाने पर उन्होंने टालमटोल किया और उन्होंने कहा कि शिवसेना ने अभी मात्र हमें यह कहा है कि हम महाराष्ट्र आए एवं महाराष्ट्र में किसानों के लिए किए जा रहे कार्यों को देखें एवं उसी के आधार पर आगे की रणनीति बनाए। लेकिन टिकैत के प्रयागराज आगमन के दौरान जगह-जगह पर शिव सैनिकों द्वारा उनको माला पहना के समर्थन किया गया इससे जाहिर होता है कि शिवसेना द्वारा दिए गए बयान जिसमें शिवसेना और भारतीय किसान यूनियन के बीच राजनीतिक गठबंधन और अधिक पुख्ता हो जाते हैं। उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा 2022 के विषय में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हम अभी किसी का समर्थन नहीं करते और ना ही हम किसी को समर्थन देंगे। सभी दल हमारे पास मदद के लिए आते है। लेकिन इशारों ही इशारों में उन्होंने यह भी बता दिया कि किसानों की समस्याओं का समाधान करने वाली पार्टी को ही हम समर्थन देंगे और जो हम से समर्थन चाहते है वह पहले किसानों का समस्याओं को सुलझाएं अगर किसानों की समस्या का समाधान करते हैं, तो हम निष्पक्ष रुप से उसी को वोट करने के लिए कहेंगे। बीजेपी को समर्थन देने की बात पर टिकैत ने कहा कि अगर बीजेपी हमारी समस्याओं का समाधान करती है तो हमारा वोट उसके पक्ष में होगा, और अगर नहीं करती है तो सीधे तौर पर वोट हम विपक्ष को देंगे, क्योंकि चाहे पक्ष हो या विपक्ष दोनों ही मजबूत होना जरूरी है। 2022 विधानसभा चुनाव में भाजपा की विजय पर उन्होंने कहा कि हमने किसी को समर्थन नहीं दिया कि अब यह बात आगे चल कहा नहीं जा सकता कौन जीतेगा लेकिन यह भी बात साफ है कि अगर विपक्ष मजबूत है तो पक्ष भी मजबूत होना जरूरी है। योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष मजबूत होने के लिए योगी आदित्यनाथ जी ने गोरखपुर से चुनाव लड़ना तय किया है और होना भी चाहिए क्योंकि पर विपक्ष मजबूत होगा तभी सरकार सही से काम कर पाएगी। एक बार फिर से उन्होंने एमएसपी कानून किया शगुफा छोड़ते हुए कहा कि किसी भी सरकार को स्थायित्व तभी मिल पाएगी जब वह किसानों की समस्याओं को ध्यान देगा और किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य के कानून को चाहता है और अगर किसान की मांगे पूरी होंगी तो सरकार को भी सहायता मिलेगी।

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