शास्त्रीआचार्यकीडिग्रीपरन्यायहो।
जब से सेना में “धर्मगुरु गुरु” की भर्ती आरम्भ हुई है, तभी से शास्त्री + आचार्य डिग्री धारक ही भर्ती होते आए हैं। परन्तु सेना ने गतवर्ष “ए आर ओ” ग्वालियर मध्यप्रदेश के अभ्यर्थियों को बाहर कर दिया था तथा इस बार भी उत्तर प्रदेश व उत्तराखण्ड के अभ्यर्थियों को “फिजिकल डाक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन” व “मेडिकल” में पास होने के बाद भी “लिखित परीक्षा” से वञ्चित कर दिया। जो कि संस्कृत के विद्यार्थियों के साथ सरासर अन्याय है।
जबकि मदरसों की डिग्री मान्य है। यह समस्त भाषाओं की जननी देववाणी संस्कृत के एवं देश की संस्कृति के साथ खिलवाड़ है।
अतः माननीय #उच्चतमन्यायालय,#उच्चन्यायालय,#राष्ट्रपतिमहोदय,#प्रधानमंत्रीमहोदय, #रक्षामन्त्रीमहोदय,#गृहमंत्रीमहोदय,#राष्ट्रीयसंस्कृतसंस्थान एवं उच्चतम पदों पर आसीन अन्य महानुभावों से सविनय निवेदन है कि इस बात को तत्काल संज्ञान में लेकर सभी अभ्यर्थियों को न्याय दिलांए।।
हमारे ! युवा साथी आंदोलन रुकना नहीं चाहिए
जब तक न्याय नहीं मिलेगा हम सभी को लगे रहना है।
।। जयतु संस्कृतं , वन्दे मातरम् ।।
आचार्य धीरज द्विवेदी “याज्ञिक”
(ज्योतिष वास्तु धर्मशास्त्र एवं वैदिक अनुष्ठानों के विशेषज्ञ)









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