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एक भ्रम

एक भ्रम
पढ़ने से पहले… प्यार से अपनी आँखें बंद करें… अपना ध्यान अपने दिल पर लाएं…. और विचार करें कि 2021 में मेरे विचारों की ऊर्जा किस ओर गई… एक पल के लिए महसूस करे की इस पल मेरी सोच किस ओर जा रही है… पढ़ना जारी रखें…

एक भ्रम

मैंने आज सुबह 4 बजे एक सपना देखा। मैं एक जोड़ी मोजे और एक गले की टाई खरीदने के लिए भारत के सबसे बड़े ‘डीएलएफ मॉल’ में था।

जैसे ही मैं अंदर गया, मैंने ₹9,000 की कीमत वाला एक स्वेटर देखा। स्वेटर के ठीक बगल में, ₹10,000 में जींस की एक जोड़ी थी। आश्चर्यजनक रूप से जुराबों की कीमत ₹8000 थी और टाई की कीमत ₹16,000 रुपये!

मैंने सेल्समेन को तलाशा और वह मुझे हेल्प डेस्क पर मिल गया।

वह एक आदमी को ₹225/- की रोलेक्स घड़ी दिखा रहा था। मैंने डिस्प्ले पर भी देखा, वहाँ 4 कैरेट की हीरे की अंगूठी भी बिक रही थी, सिर्फ ₹95 में!

चौंककर मैंने सेल्समेन से पूछा, “एक रोलेक्स घड़ी ₹225 में और जुराबों की एक सस्ती जोड़ी ₹8000 में कैसे बिक सकती है?”

उसने कहा, ”कल रात कोई दुकान में घुस गया और हर चीज का प्राइस टैग बदल गया। हर कोई भ्रम मे है। लोग पता नहीं क्यों ऐसा व्यवहार कर रहे हैं जैसे उन्होंने अपना विवेक खो दिया है। वे कम मूल्य की चीजों के लिए एक बड़ी राशि चुकाने को तैयार है और विलासिता की वस्तुओं के लिए एक छोटी राशि का भुगतान करने को तैयार हैं।

ऐसा लगता है कि वे नहीं जानते कि वास्तव में क्या मूल्यवान है और क्या नहीं। मुझे आशा है कि हम प्राइस टैग जल्द ही वापस सही कर देंगे। मुझे वास्तव में दया आ रही है, इन लोगों को कम मूल्य की चीजों के लिए बहुत अधिक भुगतान करते हुए देखकर।”

तभी मैं एकदम चौंककर सपने से बाहर आया और तब से अभी तक सोच रहा हूँ, कहीं हमारी ज़िंदगी भी इस सपने की तरह तो नहीं है। हो सकता है कोई हमारी जिंदगी में भी चुपके से आया हो और उसने हमारे जीवन की हर चीज की कीमत बदल दी हो।

उसने प्रतिस्पर्धा, पद, उपाधि, प्रसिद्धि, पदोन्नति, दिखावा, धन और शक्ति के मूल्य को चिह्नित कर महंगा कर दिया हो!

और ईमानदारी, सम्मान, नैतिकता, धार्मिकता, खुशी, परिवार, रिश्ते, मन की शांति, संतोष, प्यार, ज्ञान, दया, दोस्ती और ऐसे ही कई गुणों के मूल्य पर भारी छूट कर दी हो।

शायद हम सब इस सपने को जी रहे हैं। मुझे आशा है, हम सभी समय पर जाग जाएंगे!

आज के दौर में हम सब प्रतिस्पर्धा, शक्ति और दिखावे के जाल में फंसते नजर आ रहे हैं। सोचें! ये गुण कैसे इतने अधिक मूल्यवान हो रहे हैं और अच्छे गुण कैसे पीछे छूट गए है?

इस नव वर्ष, हम आशा करते हैं कि हमारे ‘अच्छे गुण’ सामने आ जाएँ और जीवन रूपी नाव की यात्रा को सही दिशा देने में ये हमारे पथप्रदर्शक बनें।

आइए हम एक सचेत प्रयास करें… अपने जीवन का संचालन, अपने आंतरिक कंपास यानी कि अपने हृदय के मार्गदर्शन में करें व इसी से नव वर्ष की शुरुवात करें।🔔

आप सभी को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ!💓

            ♾️

“ध्यान के दौरान प्रतिदिन 20 से 30 मिनट के लिए, स्थिर मन से हृदय के संकेतों और प्रेरित विचारों को महसूस करने का प्रयास करें। इस दौरान महसूस किए गए अनमोल क्षणों का आनंद लें।”
दाजी

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