बढ़ी संविधान के पॉकेट एडिशन की मांग
लोकसभा चुनाव 2024 के बाद संविधान के पॉकेट एडिशन की मांग बढ़ गई है। लखनऊ में सेल्स हेड सुधीर कुमार ने बताया कि यह संविधान का कोट-पॉकेट एडिशन है। इसके आकार के अनुरूप यह एक जज या ऐडवोकेट की जेब में आ जाती है। इसलिए इसका नाम कोट-पॉकेट एडिशन रखा गया है। 2009 में इसे पहली बार प्रकाशित किया गया था। इसमें बाइबिल पेपर का इस्तेमाल किया गया है जो बहुत पतला होता है।











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