दोस्तों, क्या हम अपनी उन आदतों और प्रवृत्तियों से छुटकारा पाना चाहते है, जो हमें हमारे लक्ष्य को हासिल करने मे बाधा उत्पन्न करती है?
बागबान
एक ऐसा बागबान था, जो अपनी छोटी सी बगिया के हर एक पेड़ और पौधे से अत्यधिक लगाव रखता था। उन सभी का रख रखाव और उनकी देखभाल छोटे बच्चों जैसी करता था।
अपने बगीचे की छोटी से छोटी झाड़ झंखाड़ की भी वह इतनी ही हिफाजत करता था। उन सभी मुरझाई हुई सूखी पत्तियों और डालियों को बहुत ही जतन से सम्भाल कर रखता था।
अपने बगीचे के झाड़ झंखाड़ से उसे इतना लगाव था कि वह इसे किसी भी कीमत पर फेंकना नहीं चाहता था।
धीरे-धीरे उसका छोटा सा सुन्दर बगीचा मुरझाई पत्तियों और डालियों से भर गया। आखिरकार एक शानदार हराभरा बगीचा कूड़े करकट के ढेर में बदल गया।
दोस्तों यह छोटी सी कहानी तो बागबान की है, पर असल मे क्या हममें से अधिकतर लोग इस बागबान की तरह नहीं है? हमारी चिंताओं,भय और निराशा, इन सभी को हम पूर्वाग्रह की भांति सहेज कर रखते हैं।
हार्टफुलनेस की सफाई की विधि द्वारा इन सभी को दरकिनार कर उन्हें भूल सकते है! लेकिन अगर हम इन्हें सहेज कर रखते जाएँगे तो एक दिन हमारे जीवन का बाग कूड़े करकट के ढेर में बदल जायेगा।
“किसी मनुष्य की आत्मा उसी अनुपात में स्वच्छ होगी जिस अनुपात में वह विवेक शक्ति रखता है। ह्रदय जितना शुद्ध होगा उतनी ही अधिक उसमें बुद्धिमता होगी।”
लालाजी













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