, Jan Media TV

Parmarth niketan Rishikesh स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और श्री हरदीप सिंह पुरी जी आवास और शहरी मामलों के केन्द्रीय मंत्री एवं पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री भारत सरकार की हुई भेंट वार्ता

Parmarth niketan Rishikesh स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और श्री हरदीप सिंह पुरी जी आवास और शहरी मामलों के केन्द्रीय मंत्री एवं पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री भारत सरकार की हुई भेंट वार्ता

ऋषिकेश, 28 दिसम्बर। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और आवास और शहरी मामलों के केन्द्रीय मंत्री एवं पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री भारत सरकार श्री हरदीप सिंह पुरी जी की हुई भेंटवार्ता।

पूज्य स्वामी जी और माननीय पुरी जी के मध्य ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तकनीक पर चर्चा हुई। पूज्य स्वामी जी ने साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट, इंडस्टियल वेस्ट मैनेजमेंट, बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट इन तीनों वेस्ट को एक ही तकनीक से मेनेज करने पर चर्चा की। पूज्य स्वामी जी ने कहा कि इससे ऊर्जा की खपत कम होगी, ईंधन की बचत होगी, संसाधन बचेगे तथा अलग-अलग प्लांट लगाने का खर्च भी बचेगा। इस तरह की तकनीक से पूरे देश के कचरे का समाधान होगा। इससे मिट्टी, जल, वायु आदि का प्रदूषण भी कम होगा, ग्लोबल वार्मिग की मात्रा में भी कमी आयेगी, बिजली उत्पादन ज्यादा तथा सीएनजी गैस का उत्पादन भी अधिक होगा तथा अन्य भी कई लाभ प्राप्त होंगे । पूज्य स्वामी जी ने बताया की इस पर कार्य कर रहे जैड मैथ्यू ने एक बहुत ही कारगर तकनीक और सुसंगठित टीम तैयार की है ताकि तीनों वेस्ट का एक ही प्लांट में समाधान हो सके तथा कचरे की नमी को एयर प्रेशर ड्रायर से सुरक्षित कर अनेकों लाभ प्राप्त किये जा सकता है।
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि लगातार बढ़ती जनसंख्या और शहरीकरण के कारण देश में अपशिष्ट प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। कचरे की मात्रा वर्ष 2030 तक वर्तमान 62 मिलियन टन से बढ़कर लगभग 150 मिलियन टन होने का अनुमान है। बढ़ते शहरीकरण और उसके प्रभाव से निरंतर बदलती जीवनशैली ने आधुनिक समाज और सरकार के सामने अपशिष्ट के उचित प्रबंधन की एक गंभीर चुनौती उत्पन्न की है। वर्ष-दर-वर्ष न केवल अपशिष्ट की मात्रा में बढ़ोतरी हो रही है, बल्कि प्लास्टिक और पैकेजिंग सामग्री के कारण भी ठोस अपशिष्ट के स्वरूप में भी बदलाव नजर आ रहा है। ऐसे में हमें बेहतर तकनीक पर चिंतन करना होगा।
पूज्य स्वामी जी ने कहा कि भारत को ‘जीरो-लैंडफिल और एक जीरो वेस्ट’ तकनीक की जरूरत है। ऐसी तकनीक हरित ऊर्जा के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी।
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने केन्द्रीय मंत्री भारत सरकार श्री हरदीप सिंह पुरी जी का रूद्राक्ष का पौधा देकर अभिनन्दन किया तथा उन्हें परमार्थ गंगा आरती में सहभाग हेतु आमंत्रित किया।

Leave a Comment

Your email address will not be published.

Shopping Cart
Enable Notifications    OK No thanks