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Prayagraj शोध: वायु प्रदूषण कम करने में मददगार है बोगनवेलिया

Prayagraj शोध: वायु प्रदूषण कम करने में मददगार है बोगनवेलिया

घरों की बगिया, गेट और गमलों में लगे दिखने वाले बोगनविलिया में बहुतायत मात्रा में रासायनिक व जैविक-यौगिक मौजूद होते हैं जिनका उपयोग औषधि व दवा उद्योग, सौंदर्य-प्रसाधन सामग्री, खाद्य रंग व डाई के लिए कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल होता है। अहम बात यह कि यह वातावरण में मौजूद धूल-कण व प्रदूषण कम करने में काफी मददगार साबित हो रहा है। इसकी खासियत यह है कि यह बदलते मौसम के साथ खुद को सरलता से ढाल लेता है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग की शोध छात्रा के एक अहम शोध में यह बात सामने आई है।
प्रो. केएन उत्तम के निर्देशन में शोध छात्रा छवि बरन ने बोगनवेलिया के पौधों के विभिन्न भागों जैसे फूल, पत्ती में उपस्थित विभिन्न रासायनिक एवं जैव-रासायनिक यौगिकों की पहचान की। शोध में यह बात सामने आई कि बोगनवेलिया के फूलों में मौजूद रासायनिक व जैविक-यौगिक संश्लेषण के लिए उपयोगी है। इसके अलावा ये यौगिक सीधे तौर पर यानी प्रत्यक्ष रूप में औषधि व दवा उद्योग, सौंदर्य प्रसाधन उद्योग, भूनिर्माण (लैंडस्केपिंग) और खाद्य योजकों के लिए उपयोगी हैं। इस आशय का शोध अंतर्राष्ट्रीय जर्नल एनालिटिकल लेटर्स में प्रकाशित हुआ है।
प्रो. उत्तम ने बताया कि विभिन्न प्रकार की गतिविधियों के कारण हवा में प्रदूषण की मात्रा लगातार बढ़ रही है जिससे जैवमंडल यानी हवा, मिट्टी और पानी तथा इस पर आधारित कृषि, कृषि-बागवानी, कृषि-उत्पादों की गुणवत्ता लगातार प्रभावित हो रही है।
डायरिया, पेट की एसिडिटी में हो सकता है रामबाण
बोगनवेलिया की जड़, तना, पत्ती व फूल का औषधीय उपयोग है। यह कफ, गले से संबंधित बीमारियां, डायरिया, पेट की एसिडिटी और डायबिटीज के उपचार में उपयोगी है। सौंदर्य-प्रसाधन तथा औषधि उद्योग के अलावा इस पेड़ की पहचान प्रदूषण नियंत्रक के रूप में की गई है। विशेष रूप से वायु प्रदूषण में उपस्थित हरित गैसों की मात्रा घटाने/ कम करने में इस पौधे की महत्ता साबित हुई है।

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