पत्रकारीता का एक सच्चे सिपाही को श्रद्धाजली:त्रिलोक चंद भटट्

रिपोर्टः के.एन.नैनवाल (उतराखंड़) भारतीय मूल के फोटो पत्रकार दानिश अंतिम सांस तक तस्वीरों के जरिए दुनिया को अफगानिस्तान के हालातों से रूबरू कराते रहे। अब दानिश हमारे बीच नहीं हैं, मगर उनके काम हमारे बीच हमेशा जिंदा रहेंगे। उनकी तस्वीरें बोलती थीं, यही वजह है कि दानिश सिद्दीकी को उनके बेहतरीन काम के लिए पत्रकारिता का प्रतिष्ठित पुलित्जर अवॉर्ड भी मिला था। दानिश सिद्दीकी ने रोहिंग्या शरणार्थियों की समस्या को अपनी तस्वीरों से दिखाया था और ये तस्वीर उन तस्वीरों में शामिल है, जिसकी वजह से उन्हें 2018 में पुलित्जर अवॉर्ड मिला था। उन्होने दिल्ली दंगो के कई फोटो के माध्यम से सच को सामने रखा। दानिश मृत्यु कि खबर पर देश के पत्रकारो ने शोक जताया।वही उतराखंड के बरिष्ठ पत्रकार त्रिलोक चद्र भट ने दानिश सिद्दीकी को श्रद्धाजंलि और उन्होने दानिश सिद्दीकी को पत्रकारीता का सच्चा सिपाहि वताया। उन्होने कहा कि भले ही दानिश सिद्दीकी हमारे विच नहींं रहे लेकिन दानिश सिद्दीकी हमेशा के लिए अमर रहंगे,भारत मे लाक डाउन के दौरान उन्होने प्रवासी मजदूरो कि पीडा़ का सच सामने रखने वाला सिद्दीकी के जाने पर गहरा दुखः व्यक्त किया। वरिष्ट पत्रकार रमेश पाडे (कृषक)ने गहरा दुख जताया

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