केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई ठोस कचरा प्रबंधन नियमावली 2016 के नाम पर अतिरिक्त टैक्स लगाए जाने पर पूर्वी दिल्ली नगर निगम मुख्यालय के मेन गेट पर चिलचिलाती धूप में कड़ा विरोध प्रकट किया -Manoj Kumar Tyagi

केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई ठोस कचरा प्रबंधन नियमावली 2016 के नाम पर अतिरिक्त टैक्स लगाए जाने पर पूर्वी दिल्ली नगर निगम मुख्यालय के मेन गेट पर चिलचिलाती धूप में कड़ा विरोध प्रकट किया -Manoj Kumar Tyagi

आज दिनांक 5 जुलाई 2021 को पूर्वी दिल्ली नगर निगम के नेता विपक्ष मनोज कुमार त्यागी के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी के सभी निगम पार्षदों एवं मनोनीत निगम पार्षदों ने भाजपा शासित दिल्ली नगर निगम द्वारा डॉक्टरों पर 2000 रूपए का केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई ठोस कचरा प्रबंधन नियमावली 2016 के नाम पर अतिरिक्त टैक्स लगाए जाने पर पूर्वी दिल्ली नगर निगम मुख्यालय के मेन गेट पर चिलचिलाती धूप में कड़ा विरोध प्रकट किया और भाजपा टैक्स वापस लो के नारे लगाए। इसके बाद, नेता विपक्ष के साथ साथ सभी निगम पार्षदों ने पहले आयुक्त महोदय को ज्ञापन दिया, फिर महापौर को। इस अवसर पर नेता विपक्ष मनोज कुमार त्यागी ने क्रमशः आयुक्त एवं महापौर से ठोस कचरा प्रबंधन नियमावली 2016 के अनुसार पूर्वी निगम द्वारा ठोस कचरा प्रबंधन पर 2000 रूपए का अतिरिक्त टैक्स डाक्टरों पर लगाए जाने को तुरंत प्रभाव से समाप्त करने की मांग की। नेता विपक्ष ने कहा कि ठोस कचरा प्रबंधन के नाम पर दिल्ली नगर निगम द्वारा 2000 रूपए का टैक्स डाक्टरों पर लगाया गया है। आज भाजपा दिल्ली नगर निगम पर काबिज है और डॉक्टर्स पर यह टैक्स लगाना गैरकानूनी है क्योंकि डीपीसीसी द्वारा सिंगल टाइम पंजीकरण करके बायो मेडिकल वेस्ट को उठाने के लिए एक कंपनी है जिसका नाम एस एम एस वाटर प्राइवेट लिमिटेड है। इस कंपनी द्वारा सभी डॉक्टर्स का बायो मेडिकल वेस्ट का उठाती है जिसके लिए डॉक्टर्स प्रति माह 891 रूपए अर्थात सालाना 10000 रूपए पहले से ही पे कर रहे हैं। जब बायोमेडिकल वेस्ट का कूड़ा कंपनी उठा रही है तो आखिर किस बात के लिए भाजपा शासित दिल्ली नगर निगम ने डॉक्टर्स के ऊपर 2000 रुपए का प्रति माह का टैक्स और लगा दिया गया है। नेता विपक्ष ने मांग की कि इस टैक्स को तुरंत वापस लिया जाए। नेता विपक्ष ने कहा कि हमें डॉक्टर्स के हित के लिए जो भी कार्य करना पड़ेगा, हम करेंगे। नेता विपक्ष ने कहा की डॉक्टर्स ने कोरोना काल में अपनी जान की परवाह किए बिना पूरी मेहनत की। जब लोग घरों के अंदर बंद थे और आम नागरिक महामारी से पूरी तरस्त थे ऐसे कठिन समय में डॉक्टर्स अनाधिकृत कॉलोनियों की छोटी छोटी गलियों के अंदर रहने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य लाभ देने का कार्य किया है। डॉक्टर्स कोरोना महामारी को सीमित रखने में काफी हद तक सफल रहे हैं। इस महामारी में कई डॉक्टर्स ने अपनी जान गवाई। इनका योगदान कोरोना काल में सराहनीय के साथ-साथ अतुलनीय रहा है। नेता विपक्ष ने कहा कि केजरीवाल सरकार डॉक्टर्स के सम्मान भारत रत्न देने की मांग कर रही है वहीं दूसरी तरफ दिल्ली नगर निगम डॉक्टरो पर 2000 रूपए का टैक्स लगाकर कोरोना वारियर्स अर्थात डॉक्टरों को अपमानित करने का कार्य किया है । नेता विपक्ष ने कहा कि डॉक्टर्स के लिए भाजपा के नेताओं एवं उनके महानायक माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने उत्साह बढ़ाने के लिए तालियां एवं थालिया बजवाई एवं फूलों की वर्षा भी करवाई। आज उन्हें डॉक्टर पर 2000 रूपए का प्रति माह का एक ऐसा कर लगा दिया जाता है जो अमानवीय के साथ-साथ असामाजिक भी है। नेता विपक्ष ने दिल्ली नगर निगम में सत्ताधारी भाजपा से मांग की है कि इस टैक्स को तुरंत प्रभाव से समाप्त किया जाए अन्यथा हम इस मामले को सदन से लेकर सड़क तक आवाज को बुलंद करेंगे और कोरोना के महानायक अर्थात डॉक्टर्स के समर्थन के लिए काम करेंगे।

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