गंगा के कटान से रोकथाम हेतु प्रारंभ हुआ कार्य
बिछाया जा रहा पत्थर बढ़ते कटान केचलते बह जाते थे गिर जाते थे कई आशियाना
सुमंगलम घाट का किया गया शिलान्यास
करछना/
गंगा नदी की तीव्र धारा के चलते कटान मिट्टी छरण का निरंतर बढ़ना गंगा नदी के तटीय इलाकों में सबसे बड़ा खतरा बना रहता है पता नहीं कब गरीबों के घर बह जाये ढह जाएं गरीबों के घर एवं बने हुए आशियानो पर हर पल खतरा मंडराता रहता है गंगा नदी जब बाढ़ के समय में विकराल रूप धारण करती हैं तब मिट्टी का कटान छरण तटवर्ती इलाकों में तेजी से होता है वहीं पर लगे हुए पेड़ पौधे भी अत्यधिक प्रभावित होते है कटान निरोधक परियोजना के तहतसरकार द्वारा श्री सुमंगलम घाट सहित आस पास के घरों निषाद बस्ती पत्थर बिछाने एवं लगभग 300 मीटर की दूरी तक पक्के घाट के निर्माण कार्य को मंजूरी मिली है जिसके तहत घाट के शिलान्यास के अवसर पर पधारे ब्लाक प्रमुख करछना कमलेश द्विवेदी ने सरकार द्वारा घाट सुरक्षितकरने एवं तट के किनारे बसे हुए घर भी सुरक्षित रह सकेंगे जिसके लिए सरकार को इस पहल के लिए धन्यवाद दिया महान कार्य बताया
इस अवसर रामबली यादव (जे. ई), बताते हैं श्री सुमंगलम आश्रम के ऊपर नीचे 300 मीटर की लंबाई तक बनाने का आदेश हुआ है कार्य की शुरुवात हो चुकी है वर्कर लगाए जा चुके हैं जो कि कार्य कर रहे हैं
अनिल मिश्रा (जे ई) एसडीओ सहित कांट्रैक्टर मेंसर्स मिथिलेश द्विवेदी, का कहना है गंगा की कटान से चांडी चटकहना कबरा रवनिका सुमंगलम एवं तटवर्ती इलाके काफी प्रभावित रहते हैं कटान के चलते गंगा की धारा पूर्व दिशा में यू आकार में तब्दील होती दिखाई पड़ती हैं जिसका की इस पहल से अब निदान हो सकेगा और तट के किनारे बसे हुए लोग सुरक्षित रह सकेंगे
इस अवसर परअजीत सिंह, ओपी सिंह, संदीप शुक्ला ,राहुल द्विवेदी, प्रोजेक्ट मैनेजर दीपक द्विवेदी ,प्रदीप गुप्ता सहित गांव सभा के लोग अधिक संख्या में मौजूद रहे उपस्थित अधिकारियों ने सुमंगलम घाट का निरीक्षण करते हुए पत्थर बिछाने एवं कार्य को करने हेतु जायजा लिया

















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