क्या हम किसी की सफलता के पीछे की लगन और कठिन परिश्रम को देख पाते हैं?
नींव
मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है।
पिकासो (Picasso) स्पेन में जन्में एक बहुत मशहूर चित्रकार थे। उनकी पेंटिंग दुनिया भर में करोड़ों और अरबों रुपयों में बिका करती थीं। केवल स्पेन के ही नहीं बल्कि दुनिया भर के लोग उनकी पेंटिंग के दीवाने थे।
एक बार पिकासो किसी काम से कहीं जा रहे थे। रास्ते में शाम हो जाने की वजह से उन्होंने एक गाँव में ही रुकने का फैसला किया। उस जगह पिकासो पहली बार आये थे। वहाँ कोई नहीं जानता था कि यह व्यक्ति मशहूर चित्रकार पिकासो हैं।
रास्ते से गुजरती हुई एक महिला की नजर पिकासो पर पड़ी और संयोग से उस महिला ने उन्हें पहचान लिया। वह दौड़ी हुई उनके पास आयी और बोली, “सर मैं आपकी बहुत बड़ी फैन हूँ। आपकी पेंटिंग्स मुझे बहुत ज्यादा पसंद हैं। क्या आप मेरे लिए भी एक पेंटिंग बनायेंगे?”
पिकासो हँसते हुए बोले, “मैं यहाँ खाली हाथ हूँ। मेरे पास कुछ नहीं है। मैं फिर कभी आपके लिए पेंटिंग बना दूँगा।”
लेकिन उस महिला ने जिद पकड़ ली, “आप मुझे अभी एक पेंटिंग बना कर दो, बाद में पता नहीं आपसे मिल पाऊँगी या नहीं।”
पिकासो ने जेब से एक छोटा सा कागज निकाला और अपने पेन से उस पर कुछ बनाने लगे। करीब 10 सेकेण्ड के अंदर पिकासो ने पेंटिंग बनायी और कहा,”ये लो, ये एक मिलियन डॉलर की पेंटिंग है।”
उस महिला को बड़ा अजीब लगा कि पिकासो ने बस 10 सेकेण्ड में जल्दी से एक काम चलाऊ पेंटिंग बना दी और बोल रहे हैं कि मिलियन डॉलर की पेंटिग है। उसे लगा कि पिकासो उसे बेवकूफ बना रहे हैं परंतु उसने कुछ कहा नहीं। चुपचाप पेंटिंग ली और अपने घर आ गई। परंतु उसके मन में लगातार पिकासो के इस अजीब व्यवहार के बारे में ही विचार चल रहे थे। अगले दिन वह मार्केट गयी और उस पेंटिंग की कीमत पता की। उसके आश्चर्य का ठिकाना न रहा जब उसे पता चला कि वह पेंटिंग वास्तव में एक मिलियन डॉलर की थी।
वह भागी-भागी एक बार फिर पिकासो के पास पहुँची और बोली, “सर आपने बिलकुल सही कहा था। ये तो सचमुच एक मिलियन डॉलर की ही पेंटिंग है।” पिकासो मुस्कुराए।
वह महिला बोली, “सर आप मुझे अपनी स्टूडेंट बना लीजिये। मुझे भी पेंटिंग बनाना सिखा दीजिये। जैसे आपने 10 सेकेण्ड में एक मिलियन डॉलर की पेंटिंग बना दी, वैसे ही मैं भी 10 सेकेण्ड में न सही, 10 मिनट में ही अच्छी पेंटिंग बना सकूँ। मुझे ऐसा बना दीजिये।”
पिकासो ने हँसते हुए कहा, “ये जो मैंने 10 सेकेण्ड में पेंटिंग बनायी है, इसे सीखने में मुझे 30 साल का समय लगा है। मैंने अपने जीवन के 30 साल सीखने में दिए हैं। तुम भी दो, सीख जाओगी।”
वह महिला अवाक् निःशब्द होकर पिकासो को देखते ही रह गयी।
जब हम दूसरों को सफल होता हुआ देखते हैं तो हमें यह सब बड़ा आसान लगता है। हमे लगता है कि भाई यह इंसान बड़ी जल्दी और बड़ी आसानी से सफल हो गया। लेकिन उस एक सफलता के पीछे न जाने कितने सालों का सतत परिश्रम और तपस्या छिपी हैं, यह कोई नहीं जान पाता।
सफलता तो एक पल में मिल जाती है लेकिन सफलता पाने की तैयारी में अपना पूरा जीवन कुर्बान करना होता है। भवन के कंगूरे को देखकर सभी उसकी सुंदरता की तारीफ करते हैं, परंतु नींव की ईट की तरफ किसी का ध्यान नहीं जाता, जिस पर सारा भवन टिका हुआ है। मजबूत नींव पर ही सुंदर भवन खड़ा किया जा सकता है। अतः पूरा ध्यान अपनी नींव को मजबूत करने में लगाना चाहिए
“हर छोटे से छोटे कार्य को भी उत्कृष्टता से करने की संभावना होती है। अपने हर कार्य में उत्कृष्टता प्राप्त करने का प्रयत्न करना ही जीवन का उद्देश्य है।”
दाजी












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