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मां भगवती वैदिक शिक्षण शोध जनसेवा संस्थान द्वारा एक सुंदर सुझाव जिसे अविलंब प्रत्येक सनातन धर्मावलंबी हिन्दूओं को मानना एवं पालन करना चाहिए।

मां भगवती वैदिक शिक्षण शोध जनसेवा संस्थान द्वारा एक सुंदर सुझाव जिसे अविलंब प्रत्येक सनातन धर्मावलंबी हिन्दूओं को मानना एवं पालन करना चाहिए।

जिस तरह पूरे विश्व में बच्चों में ये विश्वास पैदा किया गया कि क्रिसमस-डे पर सांता क्लॉज़ आता है और उपहार देता है। जिससे भारतीय बच्चे भी अछूते नहीं रहे।
उसी तरह हम सनातन धर्मावलंबी हिन्दूओं को मिलकर हमारे घरों में ये विश्वास दिलाने का अभियान चलाया जाय कि “दीपावली” सहित सभी त्योहारों की रात को त्योहारों से संबंधित देवता अर्थात् लक्ष्मी जी एवं भगवान जी हमारे घर आते हैं और हम सबको समृद्धि का आशीर्वाद देकर जाते हैं।
इस पंच दिवसीय दिपावली पर्व से बच्चों को ये बताया जाए ये शिक्षा दी जाए समझाया जाए कि लक्ष्मी जी धन तेरस को एवं दीपावली की रात को हमारे घर आएंगी और उनके लिए कुछ धन, मिठाई और खिलौने छोड़कर जाएंगी।
और जब वह सुबह उठें तो उन्हे अपने बिस्तर के निकट भगवान एवं लक्ष्मी जी द्वारा छोड़े गए धन, मिठाई और खिलौने मिलें।तो विश्वास मानिए उनके उत्साह और प्रसन्नता का ठिकाना नहीं रहेगा। और ऐसा करने से किसी को कोई हानि भी नहीं होगी।अपितु हमारे सनातन धर्म के प्रति आने वाली पीढ़ीयों में आस्था बढ़ेगी।
याद रखिए हमारे वेद, पुराण, शास्त्र हमारी कथाएं,हमारा धर्म हमारी आस्था पूरे विश्व में अनूठी है,अनेक रंगो से भरपूर हमारे विश्वास की डोर से हमारी संस्कृति बंधी है।हमारी संस्कृति जैसी किसी की भी कोई भी संस्कृति नही है। हमारे सनातनर धर्म जैसा कोई भी मत या मजहब नहीं है।
हमारे धर्म,वेद,पुराण,शास्त्र,पर्व, संस्कृति एवं त्योहारों में वैज्ञानिकता है।
परन्तु आतताइयों के अत्याचार से एवं स्वार्थी लोगों के कारण आज हम अपने संस्कृति एवं सभ्यता से दूर होते जा रहे हैं। पाश्चात्य संस्कृति को अपना रहे हैं जो कि आगे चलकर हमारे लिए हानिकारक एवं घातक सिद्ध होगा।
अभी भी समय है हम जागरुक हो अपने सनातन धर्म, संस्कृति, सभ्यता को जाने पहचाने एवं इसका संवर्धन करें तथा इसके विषय में आने वाली पीढ़ी को समझायें, बतायें, और बच्चों को संस्कारित करें।
आवश्यक सुझाव—
क्यों न हम भी धन तेरस,दीपावाली सहित सभी त्योहारों की रात को बच्चों के तकिये के नीचे सिक्के,मिठाई, खिलौने,कपड़े आदि रखना प्रारंभ करें।
त्योहार संबंधित सामग्री उससे ही लिया जाय आर्थिक व्यवहार उसीसे ही किया जाय जो अपने त्योहार मनाता हो।

निवेदक – आचार्य धीरज द्विवेदी “याज्ञिक”
महामंत्री – मां भगवती वैदिक शिक्षण शोध जनसेवा संस्थान।
संपर्क सूत्र – 09956629515
08318757871

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