कल एक ही दिन होगा मां कूष्माण्डा एवं मां स्कंदमाता देवी क पूजन और दर्शन
इस साल विशेष है नवरात्रि-
आज यानी 10 अक्टूबर रविवार को एक ही दिन में मां कूष्माण्डा देवी एवं मां स्कंदमाता देवी जी का पूजा का संयोग बन रहा है। इसलिए कुछ बातों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
धार्मिक दृष्टि से नवरात्रि के पर्व का विशेष महत्व माना गया है. एक वर्ष में चार नवरात्रि के पर्व आते हैं। जिसमें दो नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। शेष दो को चैत्र नवरात्रि और शरद नवरात्रि के नामों से जाना जाता है।इन सभी नवरात्रि में शरद नवरात्रि को विशेष माना गया है।
पंचांग के अनुसार 7 अक्टूबर 2021, गुरुवार से शरद नवरात्रि का पर्व आरंभ हो चुका है शास्त्रों के अनुसार आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शरद नवरात्र का आरंभ माना जाता है। इस वर्ष नवरात्रि में विशेष संयोग बनने जा रहा है।
नौ दिन की नहीं आठ दिन की है नवरात्रि
वर्ष 2021 में शरद नवरात्रि 9 दिनों की नहीं है। इस बार पंचांग के अनुसार ऐसा विशेष संयोग बना है कि नवरात्रि का पर्व आठ दिनों का ही होगा ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि इस वर्ष एक तिथि का क्षय हो रहा है जिसका अर्थ होता है कि हिंदू पंचांग की दो तिथियां एक ही दिन पड़ रही हैं। इस वर्ष शरद नवरात्रि की पंचमी तिथि प्रातः – 06:29 मि. तक उपरांत षष्टी तिथि हो रही है जो 11 अक्टूबर सोमवार को एक ही दिन पड़ रही हैं। जिस कारण इस वर्ष नवरात्रि का पर्व 9 दिन का नहीं 8 दिन का ही है।
एक दिन में दो तिथि
पंचांग के अनुसार 9 अक्टूबर शनिवार को चतुर्थी तिथि का आरंभ प्रात: – 11:15 मि. पर हो रहा है जो 10 अक्टूबर रविवार को प्रात: – 08:54 मि. पर समाप्त होगी इसके बाद पंचमी की तिथि प्रारंभ होगी. इस दिन मां कुष्मांडा देवी और स्कंदमाता देवी जी की पूजा की जाएगी।
चतुर्थी एवं पंचमी की तिथि में मां की पूजा के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए इन दोनों देवियों की पूजा में विशेष नियमों का पालन किया जाता है. स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें इस दिन क्रोध वाणी दोष और अहंकार से दूर रहना चाहिए. विधि पूर्वक पूजा करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।
आचार्य धीरज द्विवेदी “याज्ञिक”
(ज्योतिष वास्तु धर्मशास्त्र एवं वैदिक अनुष्ठानों के विशेषज्ञ)
संपर्क सूत्र – 09956629515
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