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पत्रकारिता का गिरता स्तर : लोकप्रियता के लिए झूठी खबरे कितनी सही कितनी गलत ?

हरिद्वार (ब्यूरो)
आजकल पत्रकारिता के क्षेत्र में क्रांति देखने को मिल रही हैं। 90 के दशक में जहाँ देश में कुछ विशेष अखबार, पत्रिकाएं व भारत का एकमात्र राष्ट्रीय चैनल दूरदर्शन होता था। तब ख़बरें बहुत ही सटीक तथ्यात्मक स्पष्ट व संतुलित होती थी। जिनमे समाज के अंदर किसी भी प्रकार से झूठी व गलत सूचनाएं प्रकाशित नहीं की जाती थी। पत्रकारिता अपने सिद्धांतों की सीमा में रहकर करी जाती थी। अपने अख़बार व पत्रिका की लोकप्रियता को बढ़ाने के लिए सही व सटीक ख़बरों का चयन किया जाता था। पत्रकार भी सच्ची खबरें तथ्यों के साथ निकालकर लाने के लिए बहुत मेहनत करते थे उस दौर की पत्रकारिता अधिक सटीक विश्वसनीय व स्वच्छ होती थी। उसके बाद जैसे जैसे नए नए टीवी चैनलों व प्रिंट मीडिया में नए नए समाचार पत्रों का उदय हुआ तो मीडिया प्रसारण में TRP का जन्म भी हुआ। जितनी ज्यादा TRP उतना ज्यादा कामयाब टीवी प्रसारण या यूँ कहिये की जितनी मसालेदार खबर उतना ही ज्यादा समाचार पत्र की बिक्री। जब से मीडिया के अंदर व्यापारिक प्रतिस्पर्धा बढ़ी हैं। पत्रकारिता का स्तर गिरने के कई उदहारण हमारे सामने आते रहे हैं। इसी प्रकार आज सस्ती लोकप्रियता के लिए कुछ प्रिंट मीडिया व न्यूज़ वेब पोर्टल से जुड़े पत्रकारों ने एक तथ्यहीन खबर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दी हैं। बिना खबर व सुचना की सत्यता को जाचें यदि कोई खबर सस्ती लोकप्रियता के लिए प्रसारित करि जाती है तो ऐसी खबर अफवाह फ़ैलाने की श्रेणी में आती हैं। और पत्रकारों को अफवाह फ़ैलाने से बचना चाहिए। यह उनकी नैतिक जिम्मेदारी तो बनती ही बनती है अपितु पत्रकारिता का सबसे पहला सिद्धांत भी हैं। सोशल मीडिया पर एक न्यूज़ वेब पोर्टल ने उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को नेता प्रतिपक्ष बनाये जाने की खबर प्रसारित कर दी जबकि यह खबर लिखे जाने तक कांग्रेस पार्टी की तरफ से किसी भी प्रकार की अधिकारिक घोषणा नहीं की थी। इस खबर के सोशल मीडिया पर वायरल हो जाने के बाद जब हमने इस खबर की सत्यता जानने के लिए हरिद्वार कांग्रेस के सोशल मीडिया विधानसभा अध्यक्ष पंडित वेदांत उपाध्याय जी से संपर्क किया तो उन्होंने सोशल मीडिया पर, प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह जी के नेता प्रतिपक्ष बनाये जाने की खबर का खंडन किया और कहा इस विषय पर हमारी पार्टी की तरफ से अभी तक किसी भी प्रकार की घोषणा नहीं की गयी हैं। व पार्टी की तरफ से हमारी सोशल मीडिया इकाई को भी किसी प्रकार की सूचना जारी नहीं की गयी हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष स्वर्गीय श्रीमति इंदिरा हृयदेश जी के देहांत के बाद यह पद रिक्त हो गया हैं जिसके लिए अगले नेता प्रतिपक्ष के चयन हेतु दिल्ली में हमारा विधायक दल व प्रदेश प्रभारी श्री देवेंदर यादव जी मिलकर मंत्रणा कर रहे हैं और किसी भी निर्णय पर पहुंचते ही वह सूचना मीडिया के सामने सार्वजनिक की जाएगी। तब तक पत्रकार भाइयों व न्यूज़ वेब पोर्टल को किसी भी प्रकार की अफवाहें फ़ैलाने से बचना चाहिए। उन्होंने इस खबर के सन्दर्भ में मीडिया जगत से व नेता विशेष से जुड़े उनके प्रेमी समर्थको से भी धैर्य बनाये रखने का अनुरोध किया। और कहाँ की हमारी पार्टी राज्य स्तरीय विषयो को लेकर मीडिया में अधिकारिक स्तर पर घोषणा करती हैं। अतः अफवाह पर ध्यान ना दें।

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