जो अहंकार नहीं करता वही सेवक कहलाने का अधिकारी’
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने संघ के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा ‘जो मर्यादा का पालन करते हुए कार्य करता है। गर्व करता है, किन्तु लिप्त नहीं होता। अहंकार नहीं करता, वही सही अर्थों में सेवक कहलाने का अधिकारी है। जब चुनाव होता है तो मुकाबला जरूरी होता है। इस दौरान दूसरों को धकेलना भी होता है, लेकिन इसकी एक सीमा होती है। यह मुकाबला झूठ पर आधारित नहीं होना चाहिए।’











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