भक्तन हित प्रगटे प्रभु अवध में,
हर्षित हो देवगण दुन्दुभि बजावें |
महर्षि वशिष्ठ विप्र संग वेद उचारैं,
प्रसन्न मन राजा जी अनधन लुटावें |
वीणा बजावत नारद जी गुनगान करें,
नाचैं शिवजी भूत प्रेत लै डमरू बजावें |
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम जी के पावन प्राकट्य पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं आप सभी को
आचार्य धीरज द्विवेदी याज्ञिक
खखैचा प्रयागराज उत्तर प्रदेश









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