हमारा देश भारत ऋषि और कृषि का देश है। भारत कृषि प्रधान देश है, भारत की आत्मा गांवों में बसती है। हम सब इसी परंपरा में रचे बसे हैं। भारत कृषि प्रधान देश होने से यहां गौ की पूजा बतलाई गयी है। दूध, दही, घी का बाहुल्य गौ के द्वारा ही हो सकता है।
गौ का धारोष्ण दूध बुद्धि , बल को बढ़ाता है, और जीवनशक्ति भी देता है। छोटे बच्चे से लेकर मृत्युशय्या पर पड़ा वृद्ध भी गौदुग्ध से लाभान्वित होता है।
इस अनुपम गौसेवा से जुड़कर अपने जीवन को आगे बढ़ाने का संकल्प होना चाहिए, सबके सहयोग की आवश्यकता है, यह महान सेवा है, यह भारतीय संस्कृति का कार्य है।
अपने देश की संस्कृति को , अपने देश की परंपरा को संजोकर रखना इसी में भारतीयता है। हम भारत मे रहकर भारत को गायब नही कर सकते।
—- संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज की दिव्यवाणी की दिव्यधारा से संकलित।
विहंगम योग संस्थान द्वारा संचालित सद्गुरु सदाफल देव आदर्श गोशाला , बहादुरपुर, चास, बोकारो में संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज का शुभागमन ।




















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