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जमुनापार में पेयजल योजनाओं का पुनरजीवीकरण जरूरी-डॉक्टर पाण्डेय

जमुनापार में पेयजल योजनाओं का पुनरजीवीकरण जरूरी-डॉक्टर पाण्डेय

जमुनापार में पेयजल योजनाओं का पुनरजीवीकरण जरूरी-डॉक्टर पाण्डेय
उप मुख्यमंत्री से मिलकर मिशन ने लगाई गुहार।
करछना। यमुनापार में बेलन और टोंस नदी पर कभी 500 गांव के लिए पेयजल उपलब्ध कराने वाली धनावल,देवघाट,कोहडा़र घाट जैसी पेयजल योजनाओं का पुनरजीवीकरण जरूरी है। जमुनापार के पाठाऔर लापर के ककरीले पथरीले क्षेत्र में बोरिंग सही विकल्प नहीं सिद्ध होगी। बल्कि लाल बहादुर शास्त्री और हेमवती नंदन बहुगुणा के समय जमुनापार में स्थापित की गई पेयजल योजनाओं को जीवंत बनाकर ही पानी की जटिल समस्या का निदान हो सकता है।
इस गम्भीर समस्या को लेकर जागृति मिशन के संयोजक डॉ. भगवत पांण्डेय की अगुवाई में मिशन के प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक को पत्र सौंपते हुए गुहार लगाई। डॉक्टर पाण्डेय ने कहा कि भीषण गर्मी के दिनों में यमुनापार के सुदूर क्षेत्र के कई गांवो में पानी की बराबर किल्लत बनी हुई है।गांव में स्थापित कई पेयजल योजनाएं भी खस्ताहाल हैं और पथरीले क्षेत्रों में बोरिंग भी सफल नहीं हो सकती ऐसी स्थिति में एक मात्र यही विकल्प है कि पूर्व में स्थापित पेयजल योजनाओं की मशीनों और पाइप लाइनों को दुरुस्त कराकर पूर्ववत पानी की सप्लाई की जाए।तभी इस समस्या का निदान संभव है।मिशन द्वारा पेयजल के संदर्भ में उठाई गई आवाज को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी मंत्री ने मिशन को आश्वासन दिया कि इसके लिए अपने स्तर से सार्थक पहल करेंगे। इस मौके पर राजेश शुक्ला, अशोक विश्वकर्मा,अतुल तिवारी सहित मिशन के कई लोग मौजूद रहे।

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