Jan Media TV

Inform Engage Inspire

Advertisement

मकर संक्रांति पर जाने लाभदायक उपाय

मकर संक्रांति पर जाने लाभदायक उपाय

सूर्य के राशि परिवर्तन को संक्रांति कहते हैं जब सूर्य गोचर वर्ष भ्रमण करते हुए मकर राशि में प्रवेश करते हैं तब इसे मकर संक्रांति कहा जाता है।
आचार्य धीरज द्विवेदी “याज्ञिक” जी ने बताया कि इस वर्ष दिनांक 14 जनवरी को सूर्य रात्रि 8 बजकर 38 मिनिट पर धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे।उदया तिथि की मान्यता अनुसार सूर्य 14 जनवरी को रात्रि में मकर राशि में प्रवेश करेंगे अतः 15 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा जो कि प्रातः काल से लेकर मध्याह्न काल तक मकर संक्रांति जनित पूण्य काल रहेगा इस समय दान पुण्य करना अत्यधिक लाभकारी रहेगा।
1 – मकर संक्रांति अध्यात्मिक पर्व है इस दिन तीर्थों में स्नान, व्रत,उपवास,पूजा-अर्चना,दान आदि करके अपने गुरु से प्राप्त मंत्र,अपने इष्ट का मंत्र जाप कर हवन करके अपने इष्ट की कृपा को प्राप्त करके अपने मंत्रों को सिद्ध कर सकते हैं।
2 – मकर संक्रांति के दिन सूर्य का मंत्र जाप करते हुए (अर्ध्य) जल चढ़ाना चाहिए ऐसा करने से भगवान सूर्य की कृपा प्राप्त होती है साथ ही रोगों का शमन भी होता है।
3 – शास्त्रानुसार इस दिन भगवान सूर्य अपने पुत्र से मिलने उनके घर जाते हैं इसलिए जिन पिता पुत्र में कलह हो उन्हें आपस में मिलकर एक-दूसरे को कुछ न कुछ उपहार प्रदान करने से आपस में प्रेम बढ़ेगा।
4 – इस बार मकर संक्रांति शनिवार को मान्य है अतः शनि ग्रह से पीड़ित व्यक्ति शनि देव को प्रसन्न करने हेतु शनि देव का पूजन दान भी कर सकते हैं।

दान का विशेष महत्व –

1 – मकर संक्रांति के दिन तिल एवं तिल से बनी हुई वस्तुओं का तथा स्वर्ण (सोने) एवं तिल सहित ताम्रपात्र का दान शास्त्रों में सर्व श्रेष्ठ कहा गया है जो ब्रह्म हत्या के समान पाप का नाशक है।।
2 – शास्त्रों में ऊनी वस्त्र का दान,कंबल का दान,अन्न का दान,खिचड़ी का दान करना भी लाभदायक बताया गया है।साथ ही स्वयं भी परिवार सहित भगवान को भोग लगाकर खिचड़ी का सेवन करना चाहिए।
3 – शास्त्रों में इस दिन गाय को घास खिलाना,गुड़ खिलाना,तीर्थ सेवन करना,गुरु सेवा करना,मंदिर आदि धर्म स्थलों पर श्रमदान करना लाभदायक होता है।
4 – माता-पिता की पूजा करके उनको उनके मनपसंद वस्तुओं जैसे वस्त्र आदि को देने से पितर दोष में लाभ मिलता है।
5 – जरूरत मंद गरीब व्यक्तियों को भोजन कराने एवं उनकी जरूरत की वस्तुएं देने से दरिद्रता का नाश होता है और साथ ग्रहों की अनुकूलता प्राप्त होती है।

आचार्य धीरज द्विवेदी “याज्ञिक”
(ज्योतिष वास्तु धर्मशास्त्र एवं वैदिक अनुष्ठानों के विशेषज्ञ)
संपर्क सूत्र – 09956629515
0318757871

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *