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इतिहास से छेड़छाड़ के विरोध में जुटा गुर्जर समाज:बोले- फिल्म पृथ्वीराज से विवादित सीन नहीं हटाए तो आंदोलन करेंगे

जोधा-अकबर व पद्मावत के बाद अब अक्षय कुमार की अपकमिंग फिल्म पृथ्वीराज को लेकर विरोध के सुर तेज हो गए हैं। फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों से कथित छेड़छाड़ के विरोध में बुधवार को आभानेरी स्थित देवनारायण मंदिर पर गुर्जर समाज की पंचायत आयोजित हुई जिसमें गुर्जर समाज के लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि फिल्म से आधा दर्जन से अधिक दृश्यों को नहीं हटाया गया तो प्रदेश भर में आंदोलन किया जाएगा। गुर्जर समाज के लोगों ने बताया कि आने वाले दिनों में पृथ्वीराज फिल्म रिलीज होने वाली है। जिसमें ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की गई है। इसे लेकर गुर्जर समाज में काफी आक्रोश है।

लोगों का कहना था कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान गुर्जर समाज से संबंधित थे और वे भगवान देवनारायण के वंशज थे। उनकी मांग है कि फिल्म को रिलीज करने से पहले गुर्जर समाज के प्रतिनिधियों को दिखाया जाए। फिल्म में इतिहास के साथ छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बता दें कि फिल्म पृथ्वीराज यशराज फिल्म के बैनर तले बनी है, जिसका निर्देशन चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने किया है। फिल्म में एक्टर अक्षय कुमार और एक्ट्रेस मानुषी छिल्लर मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म का टीज़र जारी किया जा चुका है, जबकि फिल्म जनवरी 2022 को रिलीज़ होगी। इससे पहले यह पूरा विवाद सामने आया है।

इसलिए आपत्ति जता रहे गुर्जर

गुर्जर समाज के नेताओं का कहना है उन्हें जानकारी मिली है कि फिल्म पृथ्वीराज रासो के उस महाकाव्य पर आधारित है जिसे ब्रज और राजस्थानी भाषा में प्रसिद्द कवि चंद बरदाई ने लिखा है। हमेशा से विवाद का विषय रहा है कि चंद बरदाई सम्राट के दरबार में कवि थे। शोधकर्ताओं ने भी माना है कि चंद बरदाई ने राजा के शासनकाल के लगभग 400 साल बाद 16वीं शताब्दी में पुस्तक लिखी थी। उन्होंने राजा के बारे में जो वृत्तांत प्रस्तुत किया है वह बहुत ही काल्पनिक है।

पत्रकार:- सुशील कुमार गुर्जर

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